रेल मंत्री सुरेश प्रभु की रेल को पटरी पर लाने की कोशिशों की पोल उस वक्त खुल गई जब उनके ही शहर पुणे में यात्रियों को ट्रेन के इंतजार में 27 घंटे प्लेटफॉर्म पर गुजारने पड़े। पुणे में करीब 800 रेल यात्रियों के लिए ट्रेन का इंतजार करते-करते पूरे दिन निकल गए। अपने-अपने घर जाने के लिए जदोजहद कर रहे लोगों को प्लेटफॉर्म पर ही दिन और रात गुजारनी पड़ी। पुणे-वाराणसी हॉली डे स्पेशल ट्रेन को गुरुवार की सुबह 10.45 बजे पुणे से वाराणसी रवाना होना था लेकिन 27 घंटे बाद शुक्रवार की दोपहर रवाना हुई। इससे छठ पूजा पर अपने-अपने घरों को जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकांश यात्रियों को गोरखपुर में कनेक्टिंग ट्रेन पकड़नी थी लेकिन अब इन लोगों का छठ पर्व रास्ते में ही कट रहा है। यात्रियों ने शिकायत की कि रेल प्रशासन ने कोई सटीक सूचना नहीं दी कि ट्रेन कब खुलेगी। इस वजह से उन्हें 27 घंटे प्लेटफॉर्म पर ही गुजारने पड़े।
दरअसल, निजामुद्दीन से पुणे पहुंचने वाली ट्रेन ही पुणे से वाराणसी के लिए रवाना होती है। बुधवार की रात यह ट्रेन पुणे पहुंचकर अगले दिन यानी गुरुवार को वाराणसी के लिए रवाना होने वाली थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ट्रेन शुक्रवार सुबह पुणे पहुंची। तब तक वाराणसी जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में यह ट्रेन (गाड़ी संख्या-01453) शुक्रवार को दोपहर 2.15 बजे वाराणसी के लिए रवाना हुई।

वीडियो देखिए: सरकार ने NDTV इंडिया का प्रसारण एक दिन रोकने के दिए आदेश
आर एन गुप्ता नाम के एक यात्री जो पूरे परिवार के साथ सफर कर रहे थे ने बताया, “ट्रेन जाने का समय गुरुवार की सुबह 10.45 बजे तय था। बाद में हमें सूचना दी गई कि ट्रेन शुक्रवार की सुबह 6.15 पर जाएगी। हमलोगों ने सोचा कि सुबह-सुबह स्टेशन आने में परेशानी होगी इसलिए हमलोग घर जाकर फिर रात में ही आ गए लेकिन जैसे ही हम स्टेशन पहुंचे तो फिर बताया गया कि ट्रेन का समय बदलकर सुबह 10.45 बजे हो गया है।” कई यात्रियों ने बताया कि जब उन लोगों ने डीआरएम बी के दादाभॉय से मिलने की कोशिश की तो आरपीएफ के जवानों ने रोक दिया।
रेलवे अफसरों की एक और लापरवाही ठीक उसी दिन सामने आई जब बुधवार को लखनऊ से चली विशेष ट्रेन (गाड़ी संख्या-04497) को गुरुवार की सुबह 9.15 बजे आनंद विहार स्टेशन पहुंचना था लेकिन यह गाड़ी अधिकारियों की लापरवाही की वजह से नई दिल्ली स्टेशन चली गई। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। अधिकारियों ने बताया कि यह गाड़ी लखनऊ से आनंद विहार स्टेशन के लिए ही चली थी लेकिन तकनीकि कारणों से इसकी गलत सूचना दिल्ली मंडल को मिली। इसके चलते यह ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन पहुंच गई। आनंद विहार स्टेशन को इस गाड़ी की सूचना मिली ही नहीं।

