महाराष्ट्र के पूर्व सीएम शरद पवार को उनकी नई पार्टी के लिए चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया है। उनकी पार्टी की नई पहचान तुतारी के रूप में होने जा रही है। असल में हिंदी में तुतारी को तुरहा कहा जाता है जो एक तरह की शहनाई ही है। चुनाव चिन्ह में दिखाया गया है कि शख्स तुतारी को बजा रहा है। इस नए चुनाव चिन्ह के मिलने के बाद शरद पवार भी खासा उत्साहित हैं और उनकी तरफ से जोर देकर कहा गया है कि वे गर्व महसूस कर रहे हैं।

जारी बयान में कहा गया है कि महाराष्ट्र के इतिहास में दिल्ली की राजगद्दी के पर्दों को बजाने वाले छत्रपति शिवराय की वीरता ‘राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरद चंद्र पवार’ के लिए गौरव की बात है। छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराष्ट्र के आदर्श, फुले, शाहू, अम्बेडकर के प्रगतिशील विचारों वाले आदरणीय श्री ये ‘तुतारी’ एक बार फिर शरद चंद्र पवार के साथ मिलकर दिल्ली की गद्दी हिलाने का बिगुल बजाने को तैयार है!

जानकारी के लिए बता दें कि कुछ समय पहले ही चुनाव आयोग से शरद पवार गुट को बड़ा झटका लगा था। उनके हाथों से एनसीपी छिन गई थी और अजित पवार के गुट को ही असल एनसीपी माना गया था। उसके बाद से ही जमीन पर सारे समीकरण बदल गए और शरद पवार को नई रणनीति पर काम करना पड़ा। अभी के लिए नई पार्टी का नाम ‘राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरद चंद्र पवार’ रखा गया है, वहीं चुनाव चिन्ह तुतारी हो गया है।

अब ये करने की नौबत भी इसलिए आई है क्योंकि भतीजे अजित पवार ने पिछले साल महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़ा सियासी खेला किया था। उनकी तरफ से कई एनसीपी विधायकों के साथ मिलकर शिंदे सरकार से हाथ मिला लिया गया है। रिटर्न गिफ्त में अगर अजित को डिप्टी सीएम का पद मिला,तो वहीं दूसरे कई विधायक मंत्री पद तक पहुंच गए। अब लोकसभा चुनाव के दौरान इस सियासी खेले की पहली बड़ी परीक्षा होने वाली है। जनता का भरोसा अजित के साथ रहता है या आज भी शरद पवार के चेहरे पर ही वोट पड़ते हैं, इस पर सभी की नजर रहने वाली है।