केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान मेदिनीपुर में उनकी एक रैली में तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हो गए। अधिकारी के अलावा ममता बनर्जी की पार्टी के सांसद सुनील मंडल, पांच विधायकों सहित नौ वर्तमान विधायक अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए हैं। इसे लेकर कई न्यूज़ चैनलों में टीवी डिबेट देखने को मिली।

रिपबिक टीवी के शो ‘पूछता है भारत’ में इसे लेकर बहस हो रही थी। इस दौरान पैनलिस्ट में बैठे टीएमसी और बीजेपी के समर्थको के बीच बहस देखने को मिली। टीएमसी पैनलिस्ट ने पार्टी छोड़कर जाने वाले सभी नेताओं पर सवाल खड़े किए और उन्हें ‘दलाल’ बताया। इसपर बीजेपी के पैनलिस्ट ने टीएमसी पर तंज़ कसते हुए कहा “नेता जब तक टीएमसी में रहते हैं वे हलाल होते हैं और जैसे ही बीजेपी में आते हैं तो दलाल बन जाते हैं। ये कैसा फॉर्मूला है। ”

बीजेपी समर्थक ने कहा कि जैसे ही मोटरसाइकल से आप धनबाद से बंगाल आएंगे बार्डर पर सिपाही आप से कागज माँगेगा और जब उसको मालूम चलेगा कि आप मुस्लिम हैं तो माफ़ी माँगेगा। पैनलिस्ट ने कहा अगर उन्हे पता चला आप मुस्लिम नहीं है तो आपका चालान कर दिया जाएगा। बंगाल की यह हालत है। यहां मुस्लिम टोपी को हेलमेट माना जाता है। टोपी लगाकर आप मोटरसाइकल पर चार लोग क़ज़ा सकते हैं।”

बता दें मेदिनीपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने दावा किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी 200 से ज्यादा सीटें लेकर आएगी। शाह ने कहा “दीदी कहती हैं कि बीजेपी सभी दलों से दलबदल करती है। मैं दीदी को याद दिलाना चाहता हूं कि आपकी मूल पार्टी भी कांग्रेस ही थी। यह तो सुगबुगहाट है। जिस प्रकार की सुनामी मैं देख रहा हूं, वैसी ममता बनर्जी ने कल्पना भी नहीं की होगी।”