कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के मामले में टीवी डिबेट के दौरान अर्नब गोस्वामी जब भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत से सवाल दागने लगे तो उन्होंने बीच में ही टोक दिया। अर्नब ने पूछा, ‘आप कहते हैं कि आंदोलन किसानों का है, तो किसानों के बीच टुकड़े टुकड़े गैंग क्या कर रही है? आपने किसानों के बीच इन्हें कैसे घुसने दिया?’
टिकैत ने जवाब दिया, इन लोगों का आंदोलन से कोई मतलब नहीं है। इन्हें इंटेलिजेंस एजेंसी पकड़े। हमारा इनसे कोई मतलब नहीं है, न हम इनको जानते हैं। गोस्वामी ने पूछा, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग कैसे घुस गई, क्या ये धोखा नहीं है? पूरा भारत इसपर चर्चा कर रहा है। घुसे कैसे?’ अर्नब के बार-बार सवाल पूछने पर टिकैत ने कहा, बात तो सुन लो कि किसी हकीम ने बता रखा है कि बोलते ही रहोगे?
टिकैत ने कहा, ‘हमारा अजेंडा किसानों का है। मैं इन लोगों को आने ही नहीं दूंगा।’ इसके बाद सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा, ‘जब महेंद्र सिंह टिकैत के जमाने में संसद भवन के पास इतना बड़ा प्रदर्शन हुआ। तब कोई देश विरोधी ताकत वहां नहीं पहुंची। अब यहां लोग ऐसे ही आ गए। फिर यह मत कहिए कि सारी भीड़ आपकी है। आप अपने वॉलंटियर से कहिए कि इन्हें कान पकड़कर बाहर करें।’
टिकैत ने कहा, ‘यहां बहुत सारे लोग छोटे-छोटे कैमरे लेकर घूमते रहते हैं। वे चाहते हैं हम कुछ मोदी के विरोध में बोलें। इन्हें कोई जानता नहीं है। ये आ गए होंगे और तख्ती दिखाने लगे। आगे जो भी आएगा उसे घुसने नहीं दिया जाएगा।’
अर्नब ने कहा, आप किसानों के बहुत बड़े नेता हैं। आपकी बात लोग सुनते हैं। योगी ने कहा कि संवाद से समाधान होगा। टिकैत साहब जब बातचीत ही नहीं होगी तो कैसे काम चलेगा। आप कह रहे हैं राजधानी को घेर देंगे, किसी को जाने नहीं देंगे। आपने बातचीत बंद क्यों की?
टिकैत ने कहा, सरकार बताए कि कब बात करनी है, कहां करनी है। हम तो तैयार बैठे हैं। सरकार ने टीवी पर कहा कि हम बात करेंगे। हम से डायरेक्ट बात नहीं हुई। सरकार बताए कि कौन सा समय दिया गया है?

