भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन हो रहा है। इस दौरान परेड करने वाली टुकड़ियों में रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर (RVC) का पशु दल भी होगा जिसका नेतृत्व पहली बार एक महिला अधिकारी, कैप्टन हर्षिता राघव करेंगी।
हर्षिता, भारतीय वायु सेना के एक रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन की बेटी हैं। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि एक फौजी बच्चे के रूप में, हमें बहुत सारी जगहों पर घूमने का मौका मिलता है। बचपन से ही उन्होंने पशु चिकित्सक बनने का सपना देखा था। कैप्टन ने कहा, “जब से मुझे पता चला कि कोई व्यक्ति जानवरों का इलाज कर सकता है, मैंने वही बनने का फैसला कर लिया। अपने पिता को प्रतिदिन वर्दी में देखकर इस सपने को सशस्त्र बलों में सेवा के साथ जोड़ने की प्रेरणा मिली।”
कैप्टन हर्षिता साल 2023 में कमीशन प्राप्त करने वाली चार महिलाओं के पहले बैच में थीं
हर्षिता ने मुंबई पशु चिकित्सा महाविद्यालय से पशु चिकित्सा विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। जब आरवीसी ने 2023 में महिला अधिकारियों की भर्ती शुरू की तो उन्होंने इस अवसर का लाभ उठाया। वह उस वर्ष कमीशन प्राप्त करने वाली चार महिलाओं के पहले बैच में शामिल थीं। उन्होंने बताया, “सशस्त्र बलों में होना और जानवरों की सेवा करना मेरे लिए परफेक्ट कॉम्बिनेशन है।” मेरठ स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी और आरवीसी केंद्र एवं महाविद्यालय में प्रशिक्षण के दौरान अपने 20 साथियों के बैच में हर्षिता को सर्वश्रेष्ठ अधिकारी का पुरस्कार मिला।
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कैप्टन हर्षिता राघव ने बताया, “सैन्य प्रशिक्षण सभी के लिए समान है, लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं था। इसमें बुनियादी सैन्य कौशल शामिल थे जहां आपको एक अधिकारी बनना सिखाया जाता है। साथ ही हथियार प्रशिक्षण, ड्रिल, शारीरिक फिटनेस मानक और सेवा में मौजूद घोड़ों और कुत्तों के लिए विशेष तकनीकी पशु चिकित्सा देखभाल भी शामिल थी।”
जानवर बोल नहीं सकते, हमें उनके संकेतों को समझना होता है- कैप्टन हर्षिता राघव
कैप्टन ने बताया, “जानवर बोल नहीं सकते, हमें उनके संकेतों को समझना होता है और सक्रिय रहना होता है।” वह हर जानवर को व्यक्तिगत रूप से जानती हैं, कोई भी दो जानवर एक जैसे नहीं हैं और वे सभी मेरे पसंदीदा हैं। हर्षिता ने कहा कि जानवरों को संभालना उनके लिए कोई चुनौती नहीं रही है क्योंकि पांच साल के पशु चिकित्सा पाठ्यक्रम में उन्हें सभी प्रजातियों से निपटना सिखाया जाता है और उन्हें पर्याप्त व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है।
सेना ने इससे पहले भी गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया है, जिसमें 2016 में श्वान दस्ता भी शामिल था लेकिन इस साल का दल-बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर टट्टू, शिकारी पक्षी और स्वदेशी नस्लें कर्तव्य पथ पर पहली बार शामिल हो रहे हैं। हर्षिता कहती हैं, “उनके काम को मान्यता प्राप्त है लेकिन यह परेड उनकी भूमिका को उजागर करती है।”
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह
भारत आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन हो रहा है। गणतंत्र दिवस परेड राष्ट्रीय एकता की एक शक्तिशाली प्रतीक है, जो भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित करती है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कर्तव्य पथ पर मुख्य समारोह में सुबह 10:30 बजे परेड की शुरूआत होगी, जो करीब 90 मिनट तक चलेगी। परेड की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने से होगी। इसके बाद वह कर्तव्य पथ पर सलामी मंच पर परेड देखने के लिए पहुंचेंगे।
