धर्म बनाम धर्म की लड़ाई इस समय हर जगह दिख रही है। बनारस में ज्ञानवापी को लेकर बवाल मचा है तो मथुरा ईदगाह मस्जिद के विवाद में घिरता दिख रहा है। राजधानी दिल्ली तक भी इस विवाद की लपटें दिखने लगी हैं। हिंदू संगठनों का दावा है कि दरअसल ये उनके धर्म का मंदिर है और इसीलिए आज बहुत से लोग भगवा वस्त्र पहनकर मीनार पर हनुमान चालीसा पढ़ने पहुंचे थे। लेकिन उसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि इन लोगों के चेहरे पर हवाईयां उड़ने के साथ पसीना निकलता दिखा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाया जा रहा है कि कुछ भगवा वस्त्र धारी लोग कुतुब मीनार पर हनुमान जी की स्तुति करने पहुंचे थे। एक कैमरानवीस ने उनकी खबर लेने के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने को कहा। लेकिन कुछ लाईनें बोलने के बाद ही वो चुप हो गए। उनके चेहरे से पसीना निकलता देखा गया। कैमरानवीस के सामने उनकी बोलती ही बंद हो गई। हनुमान चालीसा तो वो पूरी तरह से भूल गए।
यूजर्स ने इस बात को लेकर जमकर भड़ास निकाली। एक का कहना था कि ये सब दिहाड़ी मजदूर हैं। अपनी दिहाड़ी के लिए हर बार नया स्वांग रचते हैं। पकड़ना है तो इनके सरग़ना उस बागडबिल्ले को धरिए जो परदे के पीछे से इनसे ये सब करवाता है ताकि देश में उथल-पुथल मची रहे और लोगों को महंगाई, बेरोजगारी जैसे सवालो से दूर रख सकें। प्रशांत अग्रवाल ने उन्हें करारा जवाब देकर लिखा कि रोजगार तो मिल रहा है किसी को। इतिहास पढ़ो तो सब पता चल जाएगा कि क्या किया था इन अक्रांताओ ने तुम्हारे पूर्वजों के साथ।
कुतुब मीनार पर हनुमान चालीसा पढ़ने गए लोगों को खुद हनुमान चालीसा नहीं आती!
इन्हें सनातन या भगवा से नहीं बस टीवी पर आने से मतलब है। #QUTUBMINAR #vishnuStambh #HanumanChalisa pic.twitter.com/qh0GjcxP6e
— Shani Mishra | शनि मिश्रा (@mishra_shani) May 10, 2022
विशाल ने लिखा कि TV वाले दिखाते हैं और फिर ये प्रसिद्ध होकर एक दल विशेष से चुनावी टिकट पाकर माननीय बनने का सपना देखते हैं। किसी को भी उसकी अहमियत से ज्यादा कवरेज नहीं मिलनी चाहिए। सैयद आलम हुसैन ने लिखा – रुपये की कीमत जितनी तेजी से गिर रही है उतनी ही तेजी से भक्तो को मुगल याद आ रहे हैं।
राहुल ने लिखा कि भाजपा सरकार ने एक काम अच्छा किया है कि निकम्मे लोगों को काम दे दिया है। ज़िंदगी में कुछ अच्छा काम नही किया होगा इन सब ने पर यहां भी धर्म को बदनाम करने आ गए। अभिषेक ने पलटवार कर लिखा कि एक दिन कभी मुसलमानो के पास जाकर पूछना की उन्हें कुरान कि कितने आयतें याद हैं। सच का तुरंत पता चल जाएगा।
