केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार (3 जनवरी) को उम्मीद जताई कि चीन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकवादी घोषित कराने को लेकर भारत के रुख से सहमत होगा। यहां पत्रकारों से बातचीत में राजनाथ ने कहा-हम अब भी चीन से उम्मीद करते हैं कि वह हमारे रुख का समर्थन करेगा। पिछले साल 30 दिसंबर को चीन ने पठानकोट हमले के षडयंत्रकारी अजहर को आतंकवादी घोषित कराने के भारत के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया था, जिसके बाद नई दिल्ली ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण झटका करार दिया था और कहा था कि यह एक ऐसा कदम है जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे रवैये को दिखाता है। भारत का प्रस्ताव फरवरी 2016 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति को सौंपा गया था। संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधित के तौर पर सूचीबद्ध कराने के लिए फिर से एक अनुरोध की जरूरत बताई जा रही है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि नोटबंदी के बाद नक्सलियों की समस्याएं बढ़ गई हैं और वे कमजोर हुए हैं। उन्होंने इसके लिए खुफिया जानकारी को उद्धृत किया लेकिन नक्सलियों को इससे कितना नुकसान हुआ है, इसको लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया। हालांकि उन्होंने यह कहा कि जानकारी मिल रही है कि नोटबंदी के बाद उनको बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राजनाथ ने कहा-यह सही है कि नोटबंदी के बाद नक्सली कमजोर हुए हैं। हमें प्राप्त खुफिया जानकारी के मुताबिक उनकी समस्याएं बढ़ी हैं। उनकी ताकत कम हुई है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष के आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने 1,000 और 500 रुपए के पुराने नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था।

नववर्ष की पूर्व संध्या पर बेंगलुरु में महिलाओं पर हमले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर राज्य से रिपोर्ट मांगना संभव नहीं है। मेरा मानना है कि महिलाओं के शील की रक्षा हर राज्य सरकार का कर्तव्य है और उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए। पश्चिम बंगाल में दंगे से जुड़े सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि मंत्रालय सभी बड़ी समस्याओं से अवगत है। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच टकराव से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा-हम टकराव की राजनीति नहीं करते। हम इस पर बात करेंगे। राजनाथ सिंह ने कहा कि दाऊद इब्राहिम को वापस भारत लाने के लिए प्रयास जारी हैं लेकिन इससे जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।