कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वायनाड दौरे का आज दूसरा दिन है। उन्होंने डॉ. अंबेडकर डिस्ट्रिक्ट मेमोरियल कैंसर सेंटर के नए हिस्से का उद्घाटन किया। इस माैके पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में इस वक्त दो विचारधाराओं के बीच में जंग छिड़ी हुई है। हम आपको आदिवासी मानते हैं, यानी इस देश के असली हकदार। वहीं, दूसरी विचारधारा कहती है कि आप आदिवासी नहीं, वनवासी हैं। वे लोग आपको देश का असली स्वामी नहीं मानते।
राहुल गांधी ने कहा कि जब मैं वायनाड आता हूं तो मुझे बहुत खुशी होती है। लोगों के साथ मेरा रिश्ता है, चाहे वे किसी भी पार्टी से हों। बेशक, वामपंथियों के साथ हमारा वैचारिक मतभेद है, लेकिन जब मुझे अयोग्य घोषित किया गया, तो पूरे वायनाड ने मेरा समर्थन किया। मैं वायनाड को अपने परिवार का हिस्सा मानता हूं।
वनवासी शब्द के पीछे विकृत तर्क- राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केरल के वायनाड में डॉ. अंबेडकर डिस्ट्रिक्ट मेमोरियल कैंसर सेंटर में कहा कि आदिवासियों को प्रतिबंधित और वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए। पूरा ग्रह आपके लिए खुला होना चाहिए। हम कहते हैं आदिवासी और दूसरा पक्ष कहता है ‘वनवासी’ और वनवासी शब्द के पीछे एक विकृत तर्क है। ‘वनवासी’ शब्द इस बात से इनकार करता है कि आप भारत के मूल मालिक हैं और यह आपको जंगल तक ही सीमित रखता है।
राहुल ने कहा कि ‘वनवासी’ शब्द के पीछे भावना यह है कि आप जंगल में हैं और आपको कभी जंगल नहीं छोड़ना चाहिए और यह हमें कतई स्वीकार्य नहीं है। हम इस शब्द को स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहन इस देश के मूल मालिक थे और इसका तात्पर्य यह भी है कि इस देश के मूल मालिकों को जमीन, जंगल पर अधिकार दिया जाना चाहिए और जो वे चाहते हैं उन्हें करने की इजाजत दी जानी चाहिए।
आदिवासी इस देश के मूल मालिक- राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कुछ दिन पहले, मैंने राजस्थान में एक बड़ी बैठक की थी जहां मैंने आदिवासी समुदाय से बात की थी। आदिवासी का मतलब एक विशेष ज्ञान, पृथ्वी की एक विशेष समझ, जिस ग्रह पर हम रहते हैं, उसके साथ एक विशेष संबंध है। हमारे आदिवासी भाई-बहन इस देश के मूल मालिक थे।
