राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने पाकिस्तानी राजयनिक आमिर जुबैर सिद्दीकी के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोलंबो स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के पूर्व वीजा काउंसलर सिद्दीकी के खिलाफ चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास, बंगलुरु में इजराइली वाणिज्य दूतावास, विशाखापत्तनम में ईस्टर्न नेवल कमांड और देश भर के बंदरगाहों पर पर आतंकी हमले की साजिश के आरोप में बीते हफ्ते चेन्नई की विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया। एनआइए के मुताबिक, दस्तावेजी कार्रवाई की जा रही है। सिद्दीकी के खिलाफ दस्तावेजों की फाइल फ्रांस के ल्यों स्थित इंटरपोल मुख्यालय भेजी जाएगी। एनआइए के अनुसार, सिद्दीकी ने श्रीलंका में पाकिस्तानी उच्चायोग में अपने कार्यकाल के दौरान 2014 में भारत में आतंकी हमले करने की साजिश रची थी।

जांच एजंसियों श्रीलंकाई नागरिक शाकिर बाकी पेज 8 पर हुसैन से पूछताछ में सिद्दीकी की भूमिका के बाबत जानकारी मिली थी। हुसैन अदालत में अपना जुर्म कबूल करने के बाद फिलहाल जेल में सजा काट रहा है। उसे विदेशी, रक्षा और परमाणु प्रतिष्ठानों में भी विस्फोट कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज और नकली भारतीय मुद्रा बरामद हुई थी। जांच एजंसियों से पूछताछ में हुसैन ने स्वीकार किया कि वह पाकिस्तानी उच्चायोग के पूर्व वीजा काउंसलर अमीर जुबैर सिद्दीकी के लिए काम कर रहा था। एनआइए जांच में पता चला कि दोनों ने कोलंबो में मुलाकात भी की थी। सिद्दीकी ने हुसैन को महत्त्वपूर्ण स्थानों की सूचना इकट्ठा करने के लिए कहा था।

खुफिया ब्यूरो द्वारा अप्रैल 2014 में साजिश के भंडाफोड़ के बाद हुसैन को तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हुसैन की सजा अगले साल खत्म होगी। उसने 26/11 जैसा आतंकी हमला करने के लिए चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और बंगलुरु में इजराइली वाणिज्य दूतावास की टोह ली थी। आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए मालदीव से दो आतंकवादियों को भारत भेजे जाने की तैयारी की गई थी। सिद्दीकी कोलंबो के पाकिस्तानी उच्चायोग में वीजा काउंसलर के तौर पर काम कर रहा था, लेकिन भारत को निशाना बनाने वाली उसकी गतिविधियों के सबूत मिलने के बाद भारत ने ये जानकारियां श्रीलंका से साझा की। भारतीय दबाव में सिद्दीकी को वापस इस्लामाबाद भेज दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने एनआइए को सिद्दीकी की संलिप्तता के सबूत सौंपे थे। इन दस्तावेजों में भी हुसैन और शाहजी के बीच संवाद की पुष्टि हुई थी। शाहजी पाकिस्तानी नागरिक है और आरोपी से उसका परिचय श्रीलंका में पाकिस्तानी मिशन में काम कर रहे एक राजनयिक ने कराया था।

इन दस्तावेजों के आधार पर एनआइए ने साजिश की जांच की और परस्पर कानूनी सहायता समझौते के तहत अमेरिका को एक अनुरोध भेज उस सेवा प्रदाता से पूरी जानकारी मंगाई, जिसके ईमेल का इस्तेमाल हुसैन ने श्रीलंका में अपने आका से बात करने के लिए किया था। इस ईमेल को ‘शाहजी’ नाम का व्यक्ति संचालित कर रहा था। उसने ईमेल अकाउंट बनाते वक्त यह नाम दिया था। इस ईमेल के जरिए पाकिस्तान के अन्य ईमेल पतों पर कुछ मेल किए गए, यहां तक कि सिद्दीकी के निजी अकाउंट पर भी इसके जरिए मेल का आदान-प्रदान हुआ था। उन्होंने बताया कि ईमेल अकाउंट कथित तौर पर कोलंबो में पाकिस्तानी उच्चायोग के आइपी पते से भी संचालित हुआ था। चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर आतंकवादी की हमले की साजिश का कोड ‘वेडिंग हॉल’ था और इसको ‘कुक्स’ यानी मालदीव से भारत आने वाले आतंकवादियों को अंजाम देना था। हुसैन ने श्रीलंका में तैनात विभिन्न पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ अपनी मुलाकात का पूरा विवरण दिया था। इसके अलावा उसने बैंकाक में दो फिदायीनों से मुलाकात का भी जिक्र किया था।