उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में विवादित पोस्टर लगाए गए हैं। एक छात्र नेता ने शहर के सुभाष चौराहे पर लगाए पोस्टर में बसपा अध्यक्ष मायावती को ‘शूर्पणखा’ बताया है। पोस्टर में कहा गया है कि ‘लक्ष्मण’ दयाशंकर सिंह ने मायावती की नाक काट दी। पोस्टर में बाकायदा मायावती की तस्वीर को फोटोशॉप कर उनकी नाक काट दी गई है। रावण के रूप में बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को दर्शाया गया है, जबकि विभीषण के रूप में बसपा छोड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य मौजूद हैं। बीजेपी के यूपी चीफ केशव प्रसाद मौर्य को पोस्टर में राम बताया गया है और दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति को ‘दुर्गा’ के रूप में चित्रित किया गया है। यही नहीं, मारीच के रूप में सतीश चंद्र मिश्रा भी पोस्टर में नजर आ रहे हैं। एेसे पोस्टर्स से भाजपा और बसपा के बीच जारी जंग और तीखी होने की आशंका है। पोस्टर जारी करने वाले छात्र नेता अनुराग शुक्ल के मुताबिक, ‘दयाशंकर ने जिस शब्द का प्रयोग किया है, उसका मतलब है कि बिजनेस करने वाली। रुपए लेकर टिकट दे रही हैं तो बिजनेस ही तो है। अगर इतना कहने पर बुरा लगा तो बीएसपी क्या कर रही है? गंदी-गंदी गालियां दे रही है। दयाशंकर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और उनके नाम से एफआईआर हो गई। उनको जेल भेजने की मांग हो रही है। ऐसे में मायावती को भी जेल भेजना चाहिए।’
गौरतलब है कि दयाशंकर सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ‘मायावती बड़ी नेता है और तीन बार मुख्यमंत्री रही हैं। वे एक करोड़ रुपए में टिकट देती हैं। अगर घंटे भर बाद कोई दो करोड़ देता है तो टिकट उसका हो जाता है। शाम तक अगर कोई तीन करोड़ देने को तैयार हो जाए तो मायावती उसे टिकट थमा देती हैं। आज उनका चरित्र वेश्या से भी बदतर है।’
सिंह के इस बयान की चारों तरफ आलोचना हुई थी। खुद मायावती ने संसद में चेतावनी दी थी कि अगर उनके समर्थक भड़कते हैं तो उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। अगले ही दिन बसपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किया था। विरोध के दौरान बसपा कार्यकर्ताओं ने दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह और बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की थीं। जिसके बाद स्वाति ने सामने आकर बसपा कार्यकर्ताओं को जमकर लताड़ा और एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
