गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और अक्साई चिन सहित संपूर्ण जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या वह पीओके को भारत का हिस्सा नहीं मानती है, हम तो इसके लिए जान भी देने को तैयार हैं। लोकसभा में अनुच्छेद 370 संबंधी संकल्प 72 के मुकाबले 351 मतों से पारित हो गया। जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों-जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटे जाने संबंधी जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को राज्यसभा की मंजूरी मिलने के एक दिन बाद लोकसभा की भी मंजूरी मिल गई। यह विधेयक 67 के मुकाबले 367 मतों से पारित हुआ।
लोकसभा में अनुच्छेद 370 संबंधी संकल्प एवं राज्य पुनर्गठन विधेयक को चर्चा के लिए रखते हुए शाह ने कहा, ‘जब-जब मैंने जम्मू-कश्मीर बोला है तब-तब इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और अक्साई चिन भी समाहित हैं।’ कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, कश्मीर पर संसद ही सर्वोच्च है। कश्मीर को लेकर नियम कानून और संविधान में बदलाव करने से कोई नहीं रोक सकता। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा संकल्प का विरोध किए जाने पर शाह ने पूछा कि क्या कांग्रेस पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भारत का हिस्सा नहीं मानती है? लेकिन हम इसके लिए जान भी देने को तैयार हैं। जम्मू-कश्मीर का मतलब पाकिस्तान के कब्जे वाला (पीओके) और अक्साई चीन से भी है क्योंकि इसमें दोनों समाहित हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 370 (1-बी) का उपयोग करते हुए कल एक संवैधानिक आदेश जारी किया है, जिसमें भारत के संविधान के सारे अनुबंध जम्मू-कश्मीर के संविधान में लागू होंगे, अर्थात 370 हट जाएगी। शाह ने कहा कि आज के प्रस्ताव और विधेयक भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1952 और 1965 में 370 1डी का उपयोग किया। पहले महाराजा की जगह सद्र-ए-रियासत और फिर सद्र-ए-रियासत के स्थान पर राज्यपाल किया। कांग्रेस शासनकाल में राष्ट्रपति महोदय ने इसका उपयोग कैबिनेट की अनुशंसा से किया है। गृह मंत्री ने कहा कि बहुत लंबे समय से लद्दाख क्षेत्र की मांग थी कि वहां केंद्रशासित राज्य बनाया जाए, जिसमें अक्साई चिन भी समाहित होगा। इसमें पर्वतीय परिषदों के प्रमुख को मंत्री का दर्जा होगा।

