पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में शनिवार (2 फरवरी) को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रैली स्थल पर मची भगदड़ सी स्थिति में एक शख्स की मौत हो गई जबकि हादसे में 16 लोग घायल हुए हैं। मृतक की पहचान रिटायर्ड शिक्षक बानी कांता राय के रूप में हुई है, जिसकी तबियत भगदड़ सी स्थिति में बिगड़ गई थी। बाद में उनकी मौत हो गई। राय पिछले कई दिनों से रैली की तैयारियों में जुटे थे। बता दें कि जब प्रधानमंत्री मोदी रैली स्थल पर पहुंचे तब अव्यवस्था की वजह से कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस वजह से पीएम को अपना संबोधन बीच में ही रोकना पड़ गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना में कई महिलाएं और बच्चे जख्मी हुए। दरअसल, मोदी जब मटुआ समुदाय की रैली को संबोधित कर रहे थे, उसी वक्त कार्यक्रम स्थल के बाहर खड़े सैकड़ों समर्थकों ने रैली वाले मैदान के अंदरूनी हिस्से में घुसने की कोशिश की, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। भगदड़ जैसी स्थिति के कारण लोगों में घबराहट पैदा हो गई। वरिष्ठ पुलिस और एसपीजी अधिकारियों ने लोगों को बैरीकेड से आगे बढ़ने और ‘सुरक्षा क्षेत्र’ में दाखिल होने से रोकने की कोशिश की। बाद में पुलिस कर्मियों ने लोगों को मंच तक जाने से रोकने के लिए एक मानव श्रृंखला बनाई। प्रधानमंत्री उस वक्त मंच से सभा को संबोधित कर रहे थे।

पीएम मोदी ने भीड़ को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि वे अपनी जगहों पर खड़े रहें और अंदरूनी हिस्से के सामने नहीं आएं। हालांकि, पीएम की अपील अनसुनी रह गई और समर्थकों ने मंच के सामने सुरक्षा घेरे के भीतर कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दी ताकि महिलाओं के लिए निर्धारित अंदरूनी हिस्से में दूसरों के खड़े रहने के लिए जगह बनाई जा सके। हंगामे के बाद मोदी ने यह कहते हुए अचानक बीच में ही अपना भाषण रोक दिया कि उन्हें एक और रैली में जाना है। इसके बाद मोदी रैली स्थल से चले गए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि भगदड़ जैसी स्थिति के दौरान कई महिलाएं और बच्चे बेहोश हो गए। उन्हें शुरुआती इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

भगदड़ जैसी स्थिति के कारण अपने माता-पिता से बिछड़े कुछ बच्चां को पास ही एक सहायता डेस्क तक ले जाया गया और उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। बहरहाल, प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने दावा किया कि कुछ ही लोग जख्मी हुए हैं। भाजपा के प्रदेश महासचिव प्रताप बनर्जी ने बताया, ‘‘कुछ ही लोग जख्मी हुए। उन्हें हल्की चोटें आईं। एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया और शुरुआती इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।’’

उधर, भाजपा पर निशाना साधते हुए तृणमूल कांग्रेस के 24 परगना जिले के अध्यक्ष ज्योतिप्रियो मल्लिक ने कहा, ‘‘अनुशासित तरीके से एक रैली तक आयोजित नहीं कर पाने वालों को बंगाल जीतने का सपना देखना बंद कर देना चाहिए। बंगाल के लोग ममता बनर्जी के साथ हैं।’’ इस घटना ने पिछले साल 16 जुलाई को पश्चिमी मिदनापुर में हुई मोदी की रैली की यादें ताजा कर दी जब एक अस्थायी मंच गिर गया था और कई लोग जख्मी हो गए थे। तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार की शाम काले मास्क लगाकर प्रधानमंत्री की रैली वाली जगह के पास एक विरोध मार्च निकालने का फैसला किया है।