प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने काले धन के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए करेंसी नोटों को बदलने की घोषणा 8 नवंबर को की थी। यह फैसला अचानक नहीं लिया गया लेकिन इसकी घोषणा इस हिसाब से अचानक की गई कि किसी भी काले धन वाले को संभलने का मौका ही नहीं मिल पाया। इसी बीच एक दिलचस्प जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक 1000 और 500 रुपये के नोटों को बदलने के फैसले के बारे में बहुत ही उच्च स्तर की गोपनीयता रखी गई थी।

देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली ने भी इस फैसले की भनक अपनी पत्नी को भी नहीं लगने दी थी। वित्त मंत्री अरूण जेटली की पत्नी संगीता को भी केंद्र सरकार के इस फैसले की जानकारी प्रधान मंत्री के घोषणा करने के बाद ही मिली। सरकार ने इस काम के लिए बहुत उच्च स्तर की गोपनीयता बरती थी। करेंसी बदलने के काम की तैयारी बीते 6 महीने से हो रही थी लेकिन इसकी जानकारी सिर्फ उच्च स्तर के कुछ मुट्ठी भर अधिकारियों को थी। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा करने के बाद ही आरबीआई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नए नोटों के बारे में जानकारी दी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुतबाकि इस फैसले की जानकारी कई और मंत्रालयों के मंत्रियों और अधिकारियों को भी नहीं थी। घोषणा से पहले कानून मंत्रालय और आरबीआई से प्रक्रिया के अनुसार ली जाने वाली अनुमतियां ली गई और फिर तमाम अफसरों को कमरे में कॉफी पीने के लिए रोका गया। उसी समय घोषणा करने से पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को घोषणा करने की जानकारी दी और फिर घोषणा की गई। इसके अलावा देशभर में किसी भी प्रइवेट या सरकारी बैंक के आला अधिकारी को भी इस फैसले की जानकारी घोषणा होने के बाद मिली।

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