केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि COVID-19 से लड़ने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना को अब 180 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है। इस योजना की घोषणा 30 मार्च को 90 दिनों के लिए की गई थी और इसे बाद में 90 और दिनों यानी 25 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया था।

केंद्र की यह योजना सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सहित उन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को 50 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करती है, जिन्हें COVID-19 रोगियों के सीधे संपर्क और देखभाल में रहना पड़ता है और इसलिए उनके संक्रमित होने का ज्यादा खतरा होता है। संक्रमण के सीधे संपर्क में आने के कारण व्यक्ति की दुर्घटनावस मृत्यु को भी इसमें शामिल किया गया है।

इसमें निजी अस्पताल के कर्मचारियों / सेवानिवृत्त / स्वयंसेवकों / स्थानीय शहरी निकायों / अनुबंधित कर्मचारी/ दैनिक वेतन कर्मचारी / तदर्थ कर्मचारी/ राज्यों / केंद्रीय अस्पतालों / राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के स्वायत्त अस्पतालों, एम्स और आईएनआई / केंद्रीय मंत्रालयों के द्वारा COVID-19 संबंधित जिम्मेदारियों के लिए तैयार किये गए अस्पताल द्वारा भर्ती किये गए कर्मचारी शामिल हैं।

यह बीमा कवर लाभार्थी द्वारा उठाये जा रहे अन्य सभी बीमा कवर के लाभ से ऊपर है। इस योजना के लिए कोई आयु सीमा नहीं है और व्यक्तिगत नामांकन की भी आवश्यकता नहीं है। प्रीमियम की पूरी राशि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वहन की जा रही है। लाभ / दावा किसी अन्य योजनाओं के तहत देने वाली राशि के अतिरिक्त है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने योजना के लिए तैयार दिशानिर्देशों के आधार पर बीमा राशि प्रदान करने के लिए न्यू इंडिया एश्योरेंस (एनआईए) कंपनी लिमिटेड के साथ सहयोग किया है। अब तक योजना के तहत, 61 लोगों को भुगतान किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि 156 नए दावों की न्यू इंडिया एश्योरेंस (एनआईए) कंपनी लिमिटेड द्वारा जांच की जा रही है। और 67 मामलों में राज्यों द्वारा दावों के फॉर्म जमा किए जाने बाकी हैं।