अदालत ने सोमवार को केंद्रीय विद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा एक में प्रवेश को लेकर न्यूनतम आयु छह साल के मानदंड को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।
इससे संबंधित कई याचिकाओं की सुनवाई कर रहीं दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा-मैं याचिकाओं को खारिज कर रही हूं। याचिकाओं में दलील दी गई थी कि केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की ओर से न्यूनतम आयु आवश्यकता को पांच साल से छह साल में अचानक परिवर्तन करना अनुचित और मनमाना है।
अदालत ने कहा कि विस्तृत आदेश बाद में उपलब्ध होगा। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महान्यायवादी चेतन शर्मा ने दलील दी कि केंद्रीय विद्यालय (केवी) में दाखिला के लिए याचिकाकर्ताओं में कोई निहित अधिकार नहीं हैं और याचिकाकर्ता अगले साल प्रवेश के लिए पात्र हो जाएंगे।
जून में होगी राष्ट्रीय पात्रता परीक्ष
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) का आयोजन जून के पहले या दूसरे सप्ताह में होगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी जल्द ही तिथियों का एलान करेगी। दूसरी ओर, असम, मणिपुर, सिक्किम, त्रिपुरा, बिहार और झारखंड के राज्य विश्वविद्यालय भी साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) के माध्यम से स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला देंगे।
यूजीसी के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने ट्वीट कर बताया कि दिसंबर 2021 और जून 2022 की यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन एक साथ कराया जाएगा। यह परीक्षा जून के पहले या दूसरे सप्ताह में होगी। परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी जारी करेगी। परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद इसके लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती रही है लेकिन कोरोना महामारी के चलते परीक्षा को एक साथ किया जा रहा है। यह परीक्षा भारतीय युवाओं के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर, जूनियर रिसर्च फेलो या दोनों योग्यताओं के लिए आयोजित की जाती है।
कुमार ने बताया कि उन्होंने असम, मणिपुर, सिक्किम, त्रिपुरा, बिहार और झारखंड के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से बात की है। इन विश्वविद्यालयों ने सीयूईटी के माध्यम से स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला देने की बात कही है।
