आमिर खान पर दिए गए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान पर सोमवार को राज्‍य सभा में हंगामा खड़ा हो गया। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार अल्‍पसंख्‍यकों को निशाना बना रही है। सदन में मामला उठाते हुए नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मंत्री आमिर खान की तरह बात करने वालों को सबक सिखाने की बात कही। उन्‍होंने पूछा, ”किस तरह के सबक वे हमें सिखाना चाहते हैं? वे अल्‍पसंख्‍यकों को किस तरह का सबक सिखाना चाहते हैं। हम पाकिस्‍तान पर आपके साथ हैं, लेकिन आप हमें धमका रहे हैं।” सदन में मौजूद पर्रिकर ने सदस्‍यों से स्‍वयं वीडियो देखने की अपील की। उन्‍होंने कहा, ”मैं सिर्फ एक बात कहूंगा। सदस्‍यों को वीडियो खुद देखने दीजिए और फिर तय करने दीजिए।” हालांकि इसके बावजूद विपक्षी दलों ने हंगामा जारी रखा। कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्‍सवादी) के नेता सीताराम येचुरी ने पूछा, ”जो भी कहा गया, वह बेहद आपत्तिजनक है। कल को आप यह कहकर मुझे धमकाएंगे कि सामाजिक बहिष्‍कार किया जाएगा।”

समाजवादी पार्टी के राज्‍य सभा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, ”मैंने वीडियो देखा है और जो उन्‍होंने कहा है, वह अल्‍पसंख्‍यकों के लिए सीधे तौर पर धमकी है। वह अल्‍पसंख्‍यकों को धमका रहे हैं और उन्‍हें कह रहे हैं कि एक सबक सिखाया जाएगा।” बसपा की अध्‍यक्ष मायावती ने सदन में सरकार पर दलितों और अल्‍पसंख्‍यकों को निशाना बनाने का आराेप लगाया। उन्‍होंने कहा, ”जबसे यह सरकार आई है, पहले उन्‍होंने अल्‍पसंख्‍यकों, खासकर मुस्लिमों को निशाने पर लिया, और अब दलित निशाना बन रहे हैं।”

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पर्रिकर ने पुणे पर एक किताब लॉन्‍च के मौके पर बिना खान का नाम लिए कहा था, “एक अभिनेता ने कहा था कि उनकी पत्‍नी भारत से बाहर रहना चाहती हैं। यह एक अभिमान से भरा हुआ बयान था। अगर मैं गरीब हूं और मेरा घर छोटा है, मैं तब भी अपने घर को प्‍यार करूंगा और उसे बड़ा बनाने की कोशिश करूंगा।”