पनवेल नगर निगम चुनाव 2026 में 20 वार्डों में कड़ी टक्कर देखने को मिले। इसमें पार्षद के महत्वपूर्ण पदों के लिए कुल 246 उम्मीदवार मैदान में उतरे। भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी सहित प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे, साथ ही बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी थे, जिससे अधिकांश वार्डों में यह बहुकोणीय मुकाबला बन गया। मतदाताओं ने अगले कार्यकाल के लिए नागरिक प्रशासन, बुनियादी ढांचे और स्थानीय शासन को आकार देने वाले नेतृत्व का चुनाव करने के लिए मतदान किया।
2017 में हुए पिछले पनवेल नगर निगम चुनाव में कुल 78 सीटों पर चुनाव लड़ा गया था। भारतीय जनता पार्टी 51 सीटें जीतकर सबसे आगे रही, जबकि भारतीय शेतकरी कामगार पार्टी को 23 सीटें मिलीं, उसके बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 2 सीटें और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 2 सीटें प्राप्त हुईं। इससे पहले, भाजपा ने महाराष्ट्र में शानदार जीत हासिल की और राज्य की राजनीति में अपना दबदबा कायम रखते हुए पहले दो चरणों में हुए 288 स्थानीय निकायों में से 129 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने 200 का आंकड़ा पार कर लिया, जिसमें शिवसेना ने 51 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने 33 स्थानीय निकायों में जीत दर्ज की।
बीजेपी ने 24 सीटों पर बनाई बढ़त
पनवेल में अब तक की गिनती में बीजेपी सबसे आगे है और 24 सीटों पर बढ़त या जीत दर्ज की है. कांग्रेस केवल 4 सीटों पर आगे है. शिवसेना के SS गुट ने 2 और UBT गुट ने 6 सीटें हासिल की हैं.NCP AP को 1 सीट मिली है, SP गुट और AIMIM किसी भी सीट पर आगे नहीं हैं, और अन्य दलों या निर्दलीय उम्मीदवारों ने 9 सीटें जीती हैं.
बीजेपी 22 वार्डों में आगे
दोपहर 12:41 बजे तक भाजपा 22 वार्डों में आगे चल रही है। ओटीएच 8 वार्डों में, एसएस (एस) 2 वार्डों में और कांग्रेस 1 वार्ड में आगे है।
बीजेपी कितनी सीटों पर आगे चल रही
भाजपा फिलहाल 16 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस 2 सीटों पर, यूबीटी की शिवसेना 3 सीटों पर, शरद पवार की एनसीपी 3 सीटों पर और निर्दलीय उम्मीदवार 1 सीट पर आगे हैं।

