पंचायत स्तर पर जानकारी के अभाव को समाप्त करने के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ‘पंचम चैटबाट’ जारी करने जा रहा है। इसके माध्यम से पंचायत निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को पंचायत से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारियां, आंकड़ें और योजनाओं के बारे में सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यानी देश से सरपंचों को ‘पंचम’ से सशक्त किया जाएगा।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ‘पंचम’ को पंचायतों के लिए एक डिजिटल साथी के रूप में डिजाइन किया गया है, जो रोजमर्रा के शासन कार्यों को सहायता देने के लिए समय पर और प्रासंगिक मार्गदर्शन, सरलीकृत कार्यप्रवाह और जानकारी तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। अधिकारी के मुताबिक ‘पंचम’ केंद्र सरकार और देश भर में 30 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों व पंचायत पदाधिकारियों के बीच सीधा डिजिटल संपर्क स्थापित करेगा और ऐसा पहली बार हो रहा है। दो-तरफा संचार चैनल स्थापित करके, पंचम त्वरित निर्णय लेने, जमीनी स्तर के मुद्दों का तेजी से समाधान करने और जमीनी स्तर और निर्णय लेने वाले केंद्रों के बीच मजबूत ‘फीडबैक लूप’ की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे उत्तरदायी और जवाबदेह शासन मजबूत होगा।
अधिकारी ने बताया कि वाट्सएप के माध्यम से ‘पंचम’ पंचायतों के प्रतिनिधियों को मिलेगा। इस पर 22 भारतीय भाषाओं में जानकारी मिलेगी ताकि देश के सभी राज्यों के प्रतिनिधियों इस पर मिलने वाली जानाकरी को आसानी से समझ सकें। ‘पंचम’, ई ग्राम स्वराज से जुड़े लाइव, पंचायत अधिकारियों और चुने हुए प्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर का उपयोग करता है। साथ ही ई ग्राम स्वराज, एलजीडी, जीपीडीपी और मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं व पहलों से संबंधित जानकारी देगा। वर्तमान में यह चैटबाट स्थाई सामग्री को ही उपलब्ध कराएगा जिसकी समय-समय पर समीक्षा की जाती है। सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के लिए इस सामग्री को लगातार अपडेट किया जाता है।
‘पंचम चैटबाट’ को क्यूआर कोड के जरिए उपयोग किया जा सकेगा। अधिकारी ने बताया कि ‘पंचम’ के माध्यम से मंत्रालय सीधे पंचायत निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को परिपत्र, सलाह, मुख्य संदेश और अपडेट प्रसारित करने में सक्षम होगा, जिससे पूरे देश में समय पर, समान और प्रामाणिक संचार सुनिश्चित होगा। इसके माध्यम से पंचायत निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देना आसान होगा। इतना ही नहीं प्रशिक्षण के बाद प्रतिनिधियों ने कितना सीखा इसके बारे में भी ‘पंचम’ से जानकारी मिलेगी।
