पाकिस्तान नई दिल्ली में बने अपने उच्चायोग से चार अधिकारियों को वापस बुलाने के बारे में विचार कर रहा है। इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली है कि जिन अधिकारियों को वापस बुलाया जाएगा उनमें वाणिज्यिक काउंसलर सय्यद फारुख हबीब और सचिव खादिम हुसैन, मुद्दसर चीमा और शाहिद इकबाल शामिल हैं। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने पाकिस्तानी उच्चायोग के वीजा विभाग में काम करने वाले महमूद अख्तर नाम के शख्स को पकड़ा था। दिल्ली पुलिस का आरोप था कि वह आईएसआई का एजेंट था और वह भारत की खुफिया सूचना पाकिस्तान भेजा करता था। अख्तर ने पाकिस्तानी चैनल डॉन न्यूज को बताया था कि उसने दवाब में आकर इंटरव्यू दिया था।

अख्तर ने पाकिस्तानी चैनल डॉन न्यूज को बताया था कि उसने दवाब में आकर इंटरव्यू दिया था। डॉन की खबर के मुताबिक, अख्तर ने कहा, ‘वे लोग मुझे पकड़कर पुलिस थाने ले गए और जबरन एक लिखा हुआ स्टेटमेंट पढ़ने के लिए दबाव डाला। उसमें ही चार अधिकारियों के नाम लिखे हुए थे। मुझसे कहा गया कि मैं उनको पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का एजेंट बता दूं।’ गौरतलब है कि अख्तर पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान लौटे हैं।

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बता दें, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को एक जासूसी रैकेट का पर्दाफाश किया था। इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली की पुलिस उस रैकेट के पीछे पिछले 6 महीनों से लगी हुई थी। उस गिरोह पर बॉर्डर पर तैनात भारतीय सुरक्षा बल से जुड़ी सीक्रेट जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) तक पहुंचाने का आरोप है। इस गिरोह में पुलिस ने कुल चार लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा था। पुलिस ने महमूद अख्तर, रमजान खान और सुभाष जांगिड़ को पकड़ा था। इन तीनों को दिल्ली के चिड़िया घर के पास से पकड़ा गया था। महमूद अख्‍तर पाकिस्तान उच्‍चायोग के वीजा विभाग में काम करता था।

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