2019 आम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, विपक्षी पार्टियां एकजुटता की कोशिशों में जुटी हैं और एक महागठबंधन बनाने का प्रयास कर रही हैं। कांग्रेस इस महागठबंधन की धुरी बनना चाहती है। हालांकि अभी तक कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों के बीच को एकता नजर नहीं आयी है। माना जा रहा है कि महागठबंधन की तरफ से पीएम पद का पेंच फंसा हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने एक बयान में देश का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जता चुके हैं। अब उन्हीं की पार्टी के एक वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कुछ और ही बयान दिया है। पूर्व गृह मंत्री ने अपने एक बयान में कहा है कि “हमने ऐसा कभी नहीं कहा कि राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। जब कुछ कांग्रेस नेताओं के बीच ऐसी चर्चा चली तो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने इसमें हस्तक्षेप करते हुए इस तरह की बातों पर विराम लगा दिया है। हम चाहते हैं कि भाजपा को सत्ता से बाहर किया जाए। उनकी कोशिश है कि भाजपा की जगह पर एक वैकल्पिक सरकार बने, जो प्रगतिशील हो, प्रत्येक व्यक्ति की आजादी का सम्मान करे, टैक्स आतंकवाद में शामिल ना हो, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा प्रदान करें और किसानों की स्थिति में सुधार लाए।”
पी. चिदंबरम ने कहा कि ‘हम चाहते हैं कि महागठबंधन बने। प्रधानमंत्री पद का फैसला महागठबंधन के सहयोगी चुनाव के बाद करेंगे।’ पूर्व गृह मंत्री ने स्वीकार किया कि पिछले 2 दशकों में क्षेत्रीय पार्टियां तेजी से मजबूत हुई हैं और अब वह राष्ट्रीय पार्टियों का वोटबैंक भी कब्जा रही हैं। चिदंबरम ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के वोटबैंक में 50% तक की कमी आयी है। बता दें कि महागठबंधन की कोशिशों में जुटी कांग्रेस को हाल ही में बसपा से बड़ा झटका लगा है। दरअसल बसपा ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि बसपा के इस झटके से ही कांग्रेस के रुख में थोड़ी नमी आयी है।
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गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में अपने एक बयान में राहुल गांधी ने कहा था कि यदि महागठबंधन चाहेगा तो वह प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि महागठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है और हमने फैसला किया है कि यह 2 स्तर की प्रक्रिया होगी। पहली प्रक्रिया में महागठबंधन बनाकर भाजपा को हराया जाएगा और दूसरे स्तर की प्रक्रिया में चुनाव होने के बाद इस बात पर फैसला होगा कि अब आगे क्या होगा। बहरहाल पी. चिदंबरम के ताजा बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए झुकने को तैयार है और वह किसी अन्य पार्टी के नेता को भी पीएम पद सौंप सकती है!
