हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन नूंह हिंसा को लेकर काफी हंगामा रहा। पत्रकारों से बात करते हुए गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि पुलिस जल्द ही कांग्रेस विधायक मम्मन खान से पूछताछ करेगी, क्योंकि जांच के दौरान हिंसा में उनके शामिल होने की बात सामने आई है। विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने हरियाणा सरकार की विफलता पर काफी सवाल खड़े किए।
क्या बोले मंत्री अनिल विज?
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, “जांच में यह पाया गया है कि मम्मन खान 28, 29 और 30 जुलाई को जिन स्थानों पर गए थे उन सभी स्थानों पर हिंसा हुई थी।”
कांग्रेस विधायक मम्मन खान नूंह में हुई हिंसा के बाद से भाजपा के आरोपों का निशाना बने हुए हैं। फिरोजपुर झिरका से पहली बार विधायक बने मम्मन खान दक्षिणी हरियाणा में अपनी सामाजिक गतिविधियों के कारण लोकप्रियता हासिल करने के बाद राजनीति में आए थे। पहली बार 2014 फिरोजपुर झिरका से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने वाले खान 3,245 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे।
बढ़ सकती हैं मम्मन खान की मुश्किलें
नूंह हिंसा के ठीक बाद भाजपा नेताओं ने इसमें कांग्रेस विधायक की कथित भूमिका पर उंगली उठाई। उन्होंने उन पर फरवरी के बजट सत्र में कथित गोरक्षकों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के दो लोगों की हत्या के बाद भड़काऊ बयान देने का आरोप भी लगाया था।
मम्मन खान ने अपने बयानों में मोनू मानेसर का जिक्र करते हुए उसे मुख्य आरोपियों में से एक बताया था और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. कथित तौर पर मानेसर में हुई हिंसा की तस्वीरें दिखाते हुए खान ने उन्हें मेवात क्षेत्र का दौरा करने की चुनौती दी थी और वादा किया था कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो वे उन्हें सबक सिखाएंगे।
सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कांग्रेस विधायक के कुछ सहयोगी जिन्होंने 2019 के चुनावों के दौरान अपनी कोर टीम बनाई थी को नूंह झड़प के दौरान हिंसा और आगजनी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि पुलिस ने विधायक को एक एफआईआर के सिलसिले में तलब किया है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह उपस्थित होंगे या नहीं।
