नितिन नबीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर बीजेपी की कमान संभाल ली है। मंगलवार दोपहर बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद अपने पहले भाषण में नितिन नबीन ने कहा कि आज का क्षण मेरे लिए संकल्प का क्षण है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए सत्ता साधना और दायित्व है।

अपने पहले भाषण में नितिन नबीन ने युवाओं से राजनीति में आने का आग्रह करते हुए कहा, “राजनीति से दूरी समाधान नहीं, सक्रिय भागीदारी ही समाधान है। सक्रिय भागीदारी के लिए युवाओं को आगे आने की आवश्यकता है। युवा साथियों से कहूंगा, राजनीति शॉर्टकट नहीं है, राजनीति 100 मीटर की रेस नहीं, राजनीति लॉन्ग मैराथन है, जहां स्पीड का नहीं, स्टैमिना का टेस्ट होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “आइए राजनीति की इस पिच पर अपनी जड़ों को मजबूत करके काम करें और भारतीय जनता पार्टी का वॉच टावर तो बहुत स्ट्रांग होता है मित्रों… इसलिए आप अपने बूथ पर निरंतर रूप से काम करते रहिए, अपने मंडल में काम करते रहिए, भाजपा का वॉच टावर, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मजबूत तरीके से बारीक से बारीक नजर रखता है, कहीं न कहीं आपको भी उस मुकाम पर पहुंचाएगा।”

बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को कहा- धन्यवाद

भाषण की शुरुआत में बीजेपी और पार्टी के शीर्ष नेताओं को धन्यवाद कहते हुए उन्होंने कहा, “आपने मुझ जैसे एक आम कार्यकर्ता को पार्टी में इस सबसे ऊंचे पद तक पहुंचने का मौका दिया है, और इसके लिए मैं आप सभी के सामने नतमस्तक हूं। प्रधानमंत्री जी, मैं आपका दिल से शुक्रिया अदा करता हूं क्योंकि हम, आम कार्यकर्ता होने के नाते, हमेशा दूर से देखते रहे हैं कि आप देश की सेवा के लिए लगातार कैसे काम कर रहे हैं।”

पीएम के साथ अपनी एक पुरानी मुलाकात का जिक्र करते हुए नितिन नबीन ने कहा, “मुझे याद है जब मैंने पहली बार गुजरात के आनंद में आपके साथ एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। उस समय मैं नेशनल जनरल सेक्रेटरी था, और मैंने देखा कि सद्भावना मिशन कार्यक्रम के दौरान आप हर एक व्यक्ति की बात सुन रहे थे। और कार्यक्रम खत्म होने के बाद, जब आपने अपने ग्रीन रूम में हमसे बात की, तो आपने इतने इमोशन के साथ समझाया कि गुजरात से इतने सारे लोग क्यों आए थे… उस दिन, मैं समझा कि कोई इंसान तब महान बनता है जब वह लोगों की भावनाओं से जुड़ता है।”

‘बीजेपी के लिए राजनीति भोग नहीं, त्याग’

नितिन नबीन ने आगे कहा, “हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां… राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है।”

उन्होंने कहा, “अगर आज भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनी है, तो इसकी वजह हमारा प्रेरणादायी नेतृत्व है, हमारी विचारधारा और कार्यकर्ताओं की मेहनत है। वो कार्यकर्ता, जो अनवरत काम करता है, जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी भारत का ध्वज झुकने नहीं देता है, जो सीना ठोककर कहता है, तेरा वैभव अमर रहे मां…”

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