दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि पीएम सामने पड़ने के बावजूद उनकी ओर नहीं देखते हैं। वह उनसे बचने की कोशिश करते हैं। सीएम ने इसके अलावा उन्हें देश में लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक सोमवार (11 जून) से उप राज्यपाल अनिल बैजल के दफ्तर में धरने पर हैं। तीन कैबिनेट मंत्री (मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और गोपाल राय) भी इस दौरान उनके साथ हैं, जिसमें दो भूख हड़ताल पर भी हैं। कारण- आईएएस अधिकारियों की कथित हड़ताल है। केजरीवाल व उनके मंत्री सात दिनों से इसी को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

हाल ही में केजरीवाल ने कई मसलों को लेकर एक अखबार से बात की। आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म करने को लेकर उनसे सवाल किया गया। पूछा गया- नीति आयोग की बैठक होने वाली है, आप उसमें पीएम से बात क्यों नहीं करते? सीएम ने जवाब दिया, “मैं उन तमाम बैठकों में जाता रहा हूं, जहां पर पीएम आते हैं। मगर वह मुझसे बात ही नहीं करते। यहां तक कि वह मेरी ओर देखते भी नहीं। दिल्ली के प्रतिनिधियों को तो इन बैठकों में बोलने तक का मौका नहीं दिया जाता है।”

कब तक धरना जारी रहेगा? इस पर सीएम बोले, “हमें पहले समझना होगा कि यह अनशन क्यों हो रहा है। हमारी सरकार ने कई दिक्कतें आने पर भी बेहतरीन काम किया है। विरोधी भी स्वीकारते हैं कि बीते तीन सालों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी पर अच्छा काम हुआ है। जब तक ये (केंद्र सरकार) आइएएस अधिकारियों की हड़ताल खत्म नहीं करेंगे, तब तक हम भी जमे रहेंगे। ये दिल्ली की जनता का अपमान कर रहे हैं। ब्लैकमेल कर रहे हैं।”

धरने पर बैठे केजरीवाल से मिलने के लिए चार राज्यों के सीएम () भी आए, मगर उन्हें मिलने नहीं दिया गया था। सीएम ने इसी को लेकर कहा था, “मुझे नहीं लगता है कि उपराज्यपाल खुद इतना बड़ा फैसला ले सकते हैं। जरूर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने उन्हें इजाजत देने से मना कर दिया होगा। ठीक वैसे ही जैसे पीएमओ के कहने पर आईएएस हड़ताल पर हैं।”