Maharashtra Cabinet Ministers List 2024: नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। वहीं, कुछ सांसदों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। महाराष्ट्र से नितिन गडकरी, पीयूष गोयल और प्रतापराव जाधव ने मंत्री पद की शपथ ली है। वहीं, रामदास आठावले को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता माधव भंडारी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि अभी तक किसी नाम के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। ऐसी कोई लिस्ट पहले से ही जारी नहीं की जाती है। हालांकि, महाराष्ट्र से चार या पांच सांसदों को कैबिनेट में जगह दी जाएगी। सत्तारूढ़ महायुति की तीनों पार्टियों में से केवल दो महिलाएं ही लोकसभा इलेक्शन जीत पाई हैं। बीजेपी के एक नेता ने बताया कि इन दोनों में से रक्षा खडसे के नाम पर विचार किया जा रहा है। उन्हें भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इनके अलावा जो दूसरी महिला सांसद चुनी गई हैं वह स्मिता वाघ हैं। वह भारतीय जनता पार्टी से ही हैं।
प्रतापराव जाधव ने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में से भी दो नामों पर चर्चा हो रही थी। इनमें प्रतापराव जाधव और श्रीरंग बारणे का नाम शामिल था। यह बुलढाणा और मावल से चुने गए हैं। हालांकि, बारणे ने कहा कि मेरे पास अभी तक किसी भी तरह का कॉल नहीं आया है। प्रतापराव जाधव को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
शिवसेना ने मुख्यमंत्री के बेटे श्रीकांत शिंदे का नाम भी आगे किया है। पार्टी के नेता ने नरेश म्हास्के ने कहा कि हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सुझाव दिया है कि मुख्यमंत्री मोदी कैबिनेट में शामिल करने के लिए श्रीकांत शिंदे की सिफारिश करें। प्रतापराव जाधव ने कहा कि हम सभी ने सीएम शिंदे को सुझाव दिया था कि शिवसेना को श्रीकांत शिंदे को मंत्री पद के लिए नामित करना चाहिए, लेकिन श्रीकांत ने इसके लिए मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वह संगठन के लिए काम करना चाहते हैं। सीएम शिंदे ने कहा कि एक आम शिवसैनिक को मौका और समान न्याय मिलना चाहिए।
जाधव को पीएमओ से निमंत्रण मिला है। तीन बार विधायक रह चुके जाधव 1995-1999 में पहली शिवसेना-बीजेपी सरकार में मंत्री थे। वे शिवसेना के सबसे वरिष्ठ सांसद हैं और केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह के लिए एकनाथ शिंदे की पार्टी की पहली पसंद भी है। मोदी कैबिनेट में शामिल किए जाने की अटकलों के बीच अजित पवार की एनसीपी के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मुझे अभी तक कॉल नहीं आया है। मैं कॉल का इंतजार कर रहा हूं।
अजित पवार की एनसीपी ने अभी फैसला नहीं लिया
रविवार सुबह अजित पवार ने अपनी पार्टी के सांसद सुनील तटकरे के साथ नई दिल्ली में इस बात की चर्चा की थी कि किसको कैबिनेट में शामिल किया जाए। बता दें कि तटकरे राज्य में एनसीपी के प्रमुख भी हैं। संजय तटकरे ने कहा कि अभी तक किसी के नाम की सिफारिश नहीं की गई है। आरपीआई (Athawale) के राज्यसभा सदस्य रामदास अठावले भी पिछली बार मोदी की टीम में शामिल थे। उनको फिर से कैबिनेट में जगह दी जाने पर विचार किया जा रहा है।
पुणे लोकसभा सीट से पहली बार चुने गए मुरलीधर मोहोल को भी पीएमओ से बुलावा आया है। बीजेपी के प्रवक्ता संदीप खारदेकर ने कहा कि यह बात सच है कि मोहोल को फोन आया है और वह दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी सांसद को शपथ ग्रहण समारोह के लिए फोन आता है, तो इसका मतलब है कि उसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। हमें शाम तक थोड़ा सब्र करना चाहिए।
नितिन गडकरी भी बने मंत्री
नागपुर से चुने गए नितिन गडकरी पिछले 10 सालों से मोदी की टीम में सड़क परिवहन और राजमार्ग जैसे जरूरी मंत्रालयों का जिम्मा संभाल रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरएसएस की स्टूडेंट यूनियन एबीवीपी के साथ की थी। संघ परिवार के बाहर और विपक्षी खेमे में भी दोस्त बनाने की उनकी काबिलियत की वजह से गडकरी बीजेपी के एक बड़े चेहरे के रूप में सामने आते हैं।
वे 2009 से 2013 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। 1995 में जब पहली बार शिवसेना-बीजेपी सरकार सत्ता में आई, तो गडकरी को भी एक मंत्रालय का पदभार दिया गया। वे 1999 से 2005 तक विधान परिषद में विपक्ष के नेता रहे और 2005 से 2009 तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। हाईवे मैन के नाम से मशहूर गडकरी अक्सर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की एक बात को कोट करते हैं, जिन्होंने कहा था कि अमेरिकी सड़कें इसलिए अच्छी नहीं हैं क्योंकि अमेरिका अमीर है। अमेरिका अपनी अच्छी सड़कों के कारण अमीर है।
पीयूष गोयल ने भी ली मंत्री पद की शपथ
पीयूष गोयल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वाणिज्य एवं उद्योग समेत कई मंत्रालयों के मंत्री थे। मुंबई नार्थ सीट से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने से पहले गोयल राज्यसभा के सदस्य थे। इससे पहले वह रेलवे और कोयला मंत्री भी रहे चुके हैं। उन्होंने 2018 और 2019 में दो बार वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री का जिम्मा भी संभाला। वह राज्य मंत्री भी रहे।
अपने 35 साल के राजनीतिक जीवन के दौरान गोयल ने बीजेपी में कई अलग-अलग पदों पर काम किया है। गोयल सीए के पेपर में दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड में भी काम किया। उन्हें 2002 में नदियों को जोड़ने के लिए टास्क फोर्स में नामित किया गया था।
