बड़े नोटों को अमान्य करने के ऐलान के एक महीना पूरा होने पर विपक्ष ने संसद और संसद के बाहर ‘काला दिवस’ मनाया। विपक्ष के सांसद संसद में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास सांसदों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम नेता शामिल हुए। राहुल गांधी ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया और कहा, ‘उनके मूर्खतापूर्ण फैसले ने देश को बर्बाद कर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री संसद में जवाब देने से बच रहे हैं, लेकिन हम लोग उन्हें भागने नहीं देंगे। संसद में चर्चा में प्रधानमंत्री हिस्सा लें, सभी चीजें स्वत: स्पष्ट हो जाएंगी।’ धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों, सपा के सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष के नेता अपने हाथों पर काली पट्टियां बांधे हुए थे। राहुल गांधी ने कहा कि विमुद्रीकरण के फैसले ने मजदूरों और किसानों को बर्बाद कर दिया है। हम बहस चाहते हैं, वोटिंग चाहते हैं। लेकिन सरकार ऐसा नहीं चाहती। राहुल गांधी ने कहा, ‘लोकसभा में मैं सब बता दूंगा कि पेटीएम कैसे पे टू मोदी हो जाता है।’

राहुल गांधी के इस बयान को कांग्रेस पार्टी ने ट्विट भी किया। उनके इस बयान पर मोदी समर्थकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया जताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। मोदी समर्थकों ने कांग्रेस के ट्विट के जवाब में लिखा कि अगर पेटीएम का मतलब पे टू मोदी है, तो फिर चाल वाले, स्टॉल वाले इसका इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं। एक ने तो यहां तक लिख दिया कि पे टू मोदी, पे टू मम्मी से बेहतर ही है, जिसमें गरीबों की मेहनत का पैसा स्वीस बैंक अकाउंट में डाला जाता है। बहरहाल, धरना-प्रदर्शन में राहुल गांधी तीखे मूड में नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का अच्छा समय चल रहा है। पिछले एक महीने से इस मुद्दे पर वह अपनी बातें बदल रहे हैं। लोग कठिनाइयों के बोझ में दबते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मुस्करा रहे हैं। वह अच्छा समय व्यतीत कर रहे हैं, जबकि देश की जनता परेशान है। इसलिए वे एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे पर जा रहे हैं। और हम उन्हें सदन में घेरने जा रहे हैं। वे सदन से भाग नहीं पायेंगे।’ प्रधानमंत्री के ‘कैशलैस’ अर्थव्यवस्था के उल्लेख पर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ‘यह पेटीएम का सिद्धांत है। पे टू मोदी। यह कैशलैस अर्थव्यवस्था के पीछे का विचार है।’

राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा ऐसे नियम के तहत कराने की मांग की, जिसमें मतविभाजन का प्रावधान हो। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कुछ सांसद विपक्ष की मांग का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम भाजपा में ऐसे लोगों को जानते हैं, जो ऐसी चर्चा की अनुमति दिए जाने पर हमारे पक्ष में मतदान करेंगे। अगर प्रधानमंत्री सदन में बोलेंगे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।’ संसद में बने गतिरोध के बारे में उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही चलाने की जिम्मेदारी सरकार, स्पीकर की होती है, विपक्ष की नहीं। हम चर्चा चाहते हैं। हम मतविभाजन के तहत चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार ऐसा नहीं चाहती है।
राहुल गांधी ने भाजपा और मोदी पर नोटबंदी की घोषणा को चुनिंदा तरीके से लीक करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को उन्हें बताना था, उन्हें बता दिया गया था। उन्हें इस निर्णय के बारे में पता था। भाजपा और मोदीजी ने उन्हें इस कदम के बारे में पहले ही बता दिया था। इसलिए किसे सबसे ज्यादा नुकसान हुआ? उन्होंने कहा कि भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने बैंकों में करोड़ों रूपये जमा किए, पार्टी ने बिहार में जमीन खरीदी। कर्नाटक में भाजपा के एक नेता ने अपनी पुत्री के विवाह में 500 करोड़ रुपए खर्च किए। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी के कारण हजारों की संख्या में लोगों की नौकरियों से छंटनी हो रही है। किसान मर रहे हैं। अब तक 100 से अधिक लोग कतारों में मर चुके हैं और प्रधानमंत्री को यह मजाक लगता है। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि हम नोटबंदी के एक माह पूरे होने पर काला दिवस मना रहे हैं। इस अवधि में 105 लोग मारे जा चुके हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने आज ‘काला दिवस’ इसलिए मनाया क्योंकि लोग काफी परेशान हैं।