राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने जमीयत उलमा-ए-हिंद (जेयूएच) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के दावे को खारिज कर दिया है। मौलाना महमूद मदनी ने दावा किया था कि अल्पसंख्यक समुदाय भारत में असुरक्षित महसूस कर रहा है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक एसके मुद्दीन ने कहा है कि देश में मुसलमानों को पूर्ण संवैधानिक अधिकार और सुरक्षा प्राप्त है। मदनी ने शनिवार को आरोप लगाया था कि बुलडोजर कार्रवाई, पीट-पीटकर हत्या, मुस्लिम वक्फ को कमजोर करने और इस्लामी सुधारों जैसी कार्रवाइयों के माध्यम से देश में एक समूह का वर्चस्व स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मदनी ने यह भी दावा किया कि बाबरी मस्जिद के फैसले और कई अन्य फैसलों के बाद यह धारणा बढ़ी है कि अदालतें सरकारी दबाव में काम कर रही हैं।

‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा’

2014 से पहले दंगों की खबरें आती थी

मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मुद्दीन ने मदनी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी अन्य देश की तुलना में भारत में मुसलमान ‘सबसे सुरक्षित’ हैं। उन्होंने दावा किया कि अब शायद ही कभी निषेधाज्ञा लागू की जाती है जबकि 2014 से पहले समाचार पत्रों में हर दिन दंगों की खबरें प्रकाशित होती थीं।

मुद्दीन ने कहा कि मदनी यह स्वीकार करने में फेल रहे हैं कि मुस्लिम बेटे और बेटियां सशस्त्र बलों, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य प्रमुख संस्थानों में देश की सेवा कर रहे हैं।

‘लंदन के अंदर एक खान मेयर बन सकता है, लेकिन भारत में… ‘

मुद्दीन ने कहा कि मदनी जैसे नेताओं द्वारा दिए गए बयानों ने मुसलमानों को आजादी के बाद से तरक्की की दौड़ में पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत है और इसे पढ़ना इस्लाम के खिलाफ नहीं है, क्योंकि यह मातृभूमि को सलाम करता है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रमुख ने कहा कि अपनी मिट्टी की तारीफ करना मुस्लिम धर्म का हिस्सा है। मुद्दीन ने कहा कि आम मुसलमान दो वक्त की रोटी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अपने परिवारों का पालन-पोषण शांति से कर रहे हैं। उन्होंने बुद्धिजीवी मुसलमानों से ऐसे ‘अलगाववादी विचारधारा वाले मौलवियों’ से सतर्क रहने और उनका खुलकर विरोध करने की अपील की।

मदनी का पुतला फूंका

इस बीच, भोपाल में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) सहित दक्षिणपंथी संगठनों ने मदनी पर देश और उच्चतम न्यायालय के खिलाफ बोलने का आरोप लगाते हुए रोशनपुरा चौराहा पर विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका।

‘जिस संस्थान से मदनी ताल्लुक रखते हैं…’