आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को लंबे समय से ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने की मांग कर रहे भारत को बड़ा झटका लगा है। मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने एक बार फिर रोड़ा अटका दिया है। चीन इससे पहले तीन बार अजहर का बचाव कर चुका है। मसूद अजहर ही पुलवामा में हुए आतंकी हमले का भी जिम्मेदार है।
यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने पर फैसला आना था लेकिन चीन ने चौथी बार भारत की इस मांग में अड़ंगा डाल दिया। चीन 2009 के बाद से लगातार मसूद का बचाव करता आ रहा है। यह प्रस्ताव ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने 27 फरवरी को रखा था। अजहर को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत रखा गया था।बता दें कि चीन सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है।
मसूज अजहर पर चीन के रवैये पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम निराश हैं। लेकिन इसके लिए अन्य विकल्पों पर भी काम करते रहेंगे। इसके अलावा मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि, अजहर को ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित कराने की मांग पर हमारा समर्थन करने वाले देशों के हम आभारी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 1267 सूची में अजहर को ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर 10 से अधिक देशों ने भारत का समर्थन किया। वहीं, इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, भारत में इस मुद्दे पर अधिकारियों ने कहा, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग के बयान में सोमवार को कहा गया कि चीन ने एक ‘जिम्मेदार रवैया’ अपनाया और यूएनएससी प्रस्ताव 1267 प्रतिबंध समिति के ‘नियमों और प्रक्रियाओं’ का पालन किया। लू कांग ने सोमवार को कहा था, ‘केवल जिम्मेदारी से भरी चर्चा के जरिए ही हम एक समाधान निकाल सकते हैं।’
