लोकसभा में अनुच्छेद 370 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने कहा कि बगैर संविधान सभा की इजाजत के धारा 370 को खारिज नहीं किया जा सकता। तिवारी ने कहा कि जम्मू कश्मीर विधानसभा-विधान परिषद का मतलब यह संसद नहीं है। उन्होंने कहा कि आज अगर जूनागढ़, हैदराबाद और जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तो उसके पीछे प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ही वजह थे। अमित शाह ने चर्चा के दौरान पूछा था कि कांग्रेस बताए कि वह धारा 370 के पक्ष में है या इसके खिलाफ। तिवारी ने कहा कि बगैर जम्मू-कश्मीर संविधान सभा की मंजूरी के धारा 370 को खारिज नहीं किया जा सकता।

मनीष तिवारी ने एक अंग्रेजी पुस्तक ‘फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे’ का हवाला देते हुए कहा, ‘एक अंग्रेजी की किताब है। हर चीज काली और सफेद नहीं होती। देअर आर फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे इन बिटवीन।’ काली और सफेद के अलावा धूसर समेत पचासों रंग होते हैं। मनीष तिवारी ने कहा कि हर चीज को सही या गलत नहीं ठहराया जाता है क्योंकि सही और गलत के बीच भी बहुत सी चीजें होती हैं। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू ने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाया। उस विलय के साथ कुछ वादे किए गए थे, जिसमें दिल्ली का करार भी शामिल है, साल 1952 में भारत के संविधान में धारा 370 को शामिल किया गया, उसी बीच जम्मू कश्मीर में संविधान सभा का गठन हुआ और वहां के लिए अलग संविधान की संरचना की, इसके बाद तय हुआ कि वहां का हर फैसला संविधान सभा, विधानसभा की राय लेने के बाद ही किया जाएगा।

प्रसंगवश इंग्लैंड की लेखिका एरिका लिओनार्ड (जो ईएल जेम्स के नाम से मशहूर हैं) की ‘फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे’ नामक किताब 2011 में छपी। स्त्री-पुरुष के अंतरंग संबंधों पर आधारित यह किताब रातोंरात सुर्खियों में आ गई। किताब का पहला संस्करण सात करोड़ से ज्यादा बिका। इस किताब पर तीन हॉलिवुड फिल्में भी बनीं।