दिल्ली के द्वारका के ढिचाऊं कला इलाके में शनिवार को एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी व्यक्ति ने खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यक्ति की पहचान सुदेश के रुप में हुई है। सुदेश एक इंजीनियर था और उस पर 13 लाख रुपए का कर्ज था। सुदेश का दिल्ली के मोतीनगर के एक अस्पताल में डिप्रेशन का इलाज भी चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यक्ति ने अपनी पत्नी को दर्जनभर चाकू घोंपकर बेरहमी से हत्या की। इस दौरान चाकू भी टूट गया और चाकू का एक हिस्सा पीड़िता के पेट में ही रह गया था। पुलिस को शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे घटना की सूचना मिली। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पुलिस को महिला एक कमरे में खून से लथपथ मिली, वहीं एक अन्य कमरे में व्यक्ति का शव छत के पंखे से लटकता मिला।
पुलिस का कहना है कि सुदेश (45 वर्ष) और स्नेहा (40 वर्ष) ढिचाऊं कला इलाके में अपने दो बच्चों 15 वर्षीय बेटी और 13 वर्षीय बेटे के साथ रहते थे। सुदेश एक इंजीनियर था और पहले अमेरिका में भी काम कर चुका था। इसके बाद सुदेश ने नोएडा में एक निजी कंपनी में भी काम किया, लेकिन बीते 6 माह से वह बेरोजगार था।
पुलिस के अनुसार, सुदेश हाल ही में दो हफ्ते के लिए अस्पताल में भर्ती भी रहा था और अभी भी उसकी दवाईंया चल रही थीं। सुदेश ने 13 लाख रुपए का लोन लिया था। मृतक की बेटी ने बताया कि शुक्रवार रात को पूरे परिवार ने साथ खाना खाया और उसके बाद स्नेहा अपनी बेटी और बेटा सुदेश के साथ सोने चला गए।
देर रात सुदेश ने स्नेहा को बातचीत के लिए अलग कमरे में बुलाया, जहां दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बेटी ने पुलिस को बताया कि जब उसने दरवाजा खटखटाया तो उसके पिता ने उसे कमरे में जाकर सोने को कहा। अगली सुबह जब बच्चे जागे तो उन्होंने देखा कि एक कमरे में उनकी मां खून से लथपथ पड़ी है, वहीं दूसरा कमरा अंदर से बंद है। इसके बाद बच्चों ने अपने रिश्तेदारों को बुलाया। जिसके बाद सुदेश के भी आत्महत्या करने की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
