पश्चिम बंगाल के बोंगांव में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर विरोधी रैली का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला नहीं कर सकती और न ही उन्हें हरा सकती है।

चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन अब ‘बीजेपी कमीशन’ बन गया है, यह निष्पक्ष संस्था नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि अगर SIR दो-तीन वर्षों में किया जाए तो हम इस प्रक्रिया को हर संभव संसाधन के साथ समर्थन देंगे।

उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग से सवाल करते हुए कहा, “क्या बीजेपी शासित राज्यों में SIR का आयोजन यह दर्शाता है कि केंद्र स्वीकार करता है कि वहां ‘घुसपैठिये’ मौजूद हैं?” ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि बिहार चुनाव का नतीजा SIR का परिणाम है, विपक्ष वहां बीजेपी की चाल को भांप नहीं सका।

जानिए ममता बनर्जी के भाषण की बड़ी बातें

  1. ममता बनर्जी ने दावा किया कि राज्य के मतुआ बहुल क्षेत्रों के मतदाताओं को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत विदेशी घोषित करने पर तुरंत सूची से हटा दिया जाएगा।
  2. ठाकुरनगर तक तीन किलोमीटर लंबे मार्च से पहले यहां एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने यह भी कहा कि अगर बंगाल में उन्हें चुनौती दी गई तो वह देश भर में बीजेपी की नींव हिला देंगी।
  3. मुख्यमंत्री ने कहा, “मानव जीवन बहुत कीमती है”, और लोगों से अपील की कि “वे एसआईआर के डर से आत्महत्या न करें।” उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया को लेकर फैली घबराहट के कारण 35-36 मौतें हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने खुदकुशी कर ली।
  4. SIR प्रक्रिया को अव्यवस्थित बताते हुए, उन्होंने कहा कि मसौदा सूची “निर्वाचन आयोग और बीजेपी द्वारा पैदा की गई भयावह स्थिति” को दर्शाएगी।
  5. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘बीजेपी आयोग’ में बदल गया है, जो ‘दिल्ली से मिले निर्देशों’ पर काम कर रहा है और वह ‘AI का इस्तेमाल हेरफेर के लिए एक उपकरण के रूप में’ करेगा। उन्होंने आश्चर्य जताया कि 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले ‘दो महीने के भीतर जबरदस्ती’ यह कवायद क्यों की जा रही है। 

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