महाराष्ट्र में नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के चुनाव के लिए 2 दिसंबर को वोटिंग होनी है लेकिन बीजेपी ने दावा किया है कि उसके 100 पार्षद निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं। महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के कुशल नेतृत्व की वजह से ऐसा हो पाया है। चव्हाण ने कहा कि तीन नगर पालिका परिषदों में भी बीजेपी के उम्मीदवार निर्विरोध अध्यक्ष बन गए हैं।

स्थानीय निकाय के चुनाव में 22 नवंबर को नाम वापस लेने का अंतिम दिन है।

रवींद्र चव्हाण ने बताया कि 100 पार्षदों में से चार तटीय कोंकण क्षेत्र से, 49 उत्तरी महाराष्ट्र से, 41 पश्चिमी महाराष्ट्र से और तीन-तीन मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों से हैं। महाराष्ट्र में 246 नगरपालिका परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए मतों की गिनती तीन दिसंबर को होगी। चुनावी मुकाबले से पहले ही कई विरोधी उम्मीदवार मैदान से हटते चले गए।

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पुलिस पर दबाव बनाया गया- विपक्ष

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि बीजेपी की वंशवादी राजनीति की परंपरा अब जमीनी स्तर के चुनावों तक पहुंच गई है और नेताओं के रिश्तेदारों की निर्विरोध जीत सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पर दबाव डाला गया। जामनेर में जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन, कांग्रेस उम्मीदवार रूपाली लालवानी और एनसीपी के दो उम्मीदवारों के चुनाव से हटने की वजह से नगरपालिका परिषद अध्यक्ष के पद पर निर्विरोध चुनी गईं।

विपणन मंत्री जयकुमार रावल की मां नयन कुंवर रावल, धुले जिले में दोंडाइचा-वरवडे नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष चुनी गईं क्योंकि विपक्षी उम्मीदवार शरयू भावसार का नामांकन खारिज कर दिया गया था। भावसार ने आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव में नामांकन खारिज किया गया।

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फड़नवीस के चचेरे भाई भी जीते

एक और प्रमुख निर्विरोध जीत चिखलदरा नगरपालिका परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के चचेरे भाई अल्हड कलोटी की हुई है।

अमरावती जिले से कांग्रेस नेता यशोमति ठाकुर ने प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए धमकाने और लालच देने का आरोप लगाया। श्रम मंत्री आकाश फुंडकर, कपड़ा मंत्री संजय सावकारे, मंत्री अशोक उइके, पूर्व सांसद रामदास तड़स, विधायक मंगेश चव्हाण और विधायक प्रकाश भारसाकले सहित कई मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के रिश्तेदार या तो चुनाव मैदान में हैं या स्थानीय नगर निकायों के पदों के लिए निर्विरोध चुने जा चुके हैं।

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