कर्नाटक के हम्पी में स्थित हनुमान जन्मभूमि ट्रस्ट ‘हनुमान’ की विशालकाय प्रतिमा बनाने की योजना बना रहा है। यह प्रतिमा उनके जन्मस्थान किष्किंधा में बनाई जाएगी और यह 215 फीट ऊंची होगी। यह हनुमान की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। यह ट्रस्ट श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के नक्शेकदम पर चल रहा है, जिसका गठन अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए किया गया है।

5 फरवरी, 2020 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जब राम जन्मभूमि ट्रस्ट का गठन किया गया था। उसी दिन कर्नाटक हनुमान जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट का भी गठित किया गया था। यह ट्रस्ट हम्पी में किष्किंधा के समग्र विकास के लिए गठित किया गया है। इस ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंदानंद सरस्वती स्वामी हैं। यह ट्रस्ट शिवरात्रि के दिन किष्किंधा और उसके आसपास के इलाकों में कई जुलूस निकालेगा।

ट्रस्ट के सूत्रों ने कहा कि हम्पी, जो पहले से ही एक पर्यटन केंद्र है अब उसे एक तीर्थस्थल में बादल दिया जाएगा। उन्होंने बताया “राम मंदिर के निर्माण के बाद यह अयोध्या की भव्यता के बराबर होगा। अयोध्या में राम की 225 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई जा रही है और चूंकि राम और हनुमान अविभाज्य थे, इसलिए हमने हनुमान की भी सबसे ऊंची प्रतिमा लगाने का फैसला किया। लेकिन ये प्रतिमा राम की प्रतिमा से 10 फीट छोटी होगी और इसे तांबे से बनाया जाएगा।

इस साल की शुरुआत में एक हनुमंथा रथ पूरे देश की यात्रा पर निकलेगा। इस रथ को 45 लाख रुपये में डिज़ाइन किया गया है और यह देश के हर जिला केंद्र और तालुक केंद्र से होकर गुजरेगा, जहां प्रतिमा और अन्य खर्चों के लिए धन जोड़ा जाएगा। ये रथ यात्रा आखिरी में अयोध्या में जाकर समाप्त होगी।

ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि रथ को यात्रा पूरा करने में कम से कम तीन साल लगेंगे, उसी दौरान किष्किंधा में भी काम शुरू हो जाएगा। ट्रस्ट प्रतिमा और मंदिर के लिए 10 एकड़ जमीन खरीदने की योजना बना रहा है और इस साल हनुमा जयंती के लिए अयोध्या से 101 संतों को भी आमंत्रित किया गया है।