कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में भाजपा के हाथ से तीन राज्यों की सत्ता छीनने वाली कांग्रेस में खुशी की लहर बरकरार है। लेकिन पार्टी नेताओं में राहुल गांधी से पूरा वक्त न मिल पाने का मलाल भी है। ममता बनर्जी के गढ़ पश्चिम बंगाल के प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सोमेन मित्रा को भी दिल्ली में राहुल गांधी से मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके बाद मुलाकात तो हुई लेकिन 15 मिनट की। इसकी जानकारी इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों ने दी। पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रमुख मित्रा के साथ इस व्यवहार पर पार्टी के अंदर खाने आवाज उठने लगी है। पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं में बहस तेज है कि कांग्रेस राज्य से कितनी कम उम्मीद रखती है। जबकि राज्य में सत्ताधारी टीएमसी के लिए ममता बनर्जी हर मोर्चे पर डटी रहती है।

वहीं कुछ दिन पहले भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात मित्रा से हुई थी। जहां राहुल ने आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने के लिए तैयार होने को कहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख सोमेन मित्रा ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बयान जारी करके कहा था कि, ‘हमसे राज्य में पार्टी को मजबूत बनाने और आगामी लोकसभा चुनाव 2019 अपने दम पर लड़ने के लिए तैयारी करने को कहा गया है।’

बीते दिनों ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्रियों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में राज्यों में होने वाले मंत्रिपरिषद के विस्तार पर चर्चा हुई थी। राहुल गांधी से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की यह मुलाकात 22 दिसंबर को हुई थी। जहां राज्यों में मंत्रिपरिषद विस्तार पर चर्चा हुई। इसके अलावा राहुल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी मुलाकात की थी। इस दौरान राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मौजूद थे।