सीएम और एलजी विवाद के मामले में मद्रास हाई कोर्ट से पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी को झटका लगा है। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि किरण बेदी के पास केंद्र शासित राज्य की दैनिक गतिविधियों में दखल देने का हक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि एलजी का काम केवल मंत्रीमंडल की सलाह पर अमल करना है। असली शक्ति जनता के जरिए चुनी गई सरकार के पास है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस निर्देश को भी खारिज कर दिया, जिसके चलते किरण बेदी को प्रशासनिक अधिकार दिए गए थे।
दरअसल पिछले कई दिनों से पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और उप राज्यपाल किरण बेदी के बीच सियासी घमासान मचा हुआ है। नारायणसामी ने उप राज्यपाल पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह फाइलें पास नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले में कांग्रेस विधायक के. लक्ष्मीनारायणन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि उप राज्यपाल किरण बेदी को कोई अधिकार नहीं है कि सरकारी फाइलें अपने दफ्तर में मंगवाएं और अधिकारियों को निर्देश जारी करें। प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सिर्फ राज्य सरकार के पास है। सरकार ही सदन (विधानसभा) की बॉस है।
गौरतलब है कि साल 2017 में गृह मंत्रालय ने एक ऑर्डर जारी किया था जिसके चलते केंद्र शासित पुडुचेरी की एलजी को अधिकार सौंप दिए गए थे। विधायक लक्ष्मीनारायणन का कहना है कि गृह मंत्रालय ने ऐसा सिर्फ इसिलए किया ताकी एलजी राज्य के प्रशासनिक मामलों में दखल दे सकें।
ध्यान रहे कि सरकार और एलजी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। केंद्र शासित प्रदेश की सरकार का कहना है कि उसे जनता चुनकर सदन में भेजा है, इसलिए एलजी प्रशासनिक और वित्तीम मामले में अपना दखल नहीं दे सकतीं। मगर बेदी गृह मंत्रालय के निर्देशों को आधार बनाकर सरकार के फैसलों को प्रभावित करती रहीं।
Madras High Court says, “Puducherry Lt Governor Kiran Bedi does not have the power to interfere with the day to day activities of the Union Territory” pic.twitter.com/MSmmpfZEsE
— ANI (@ANI) April 30, 2019
