कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर जंग की खबरें इन दिनों फिर से चर्चा में है। इस बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष में एक नए नेता की एंट्री हो गई है। इस नेता का नाम जी. परमेश्वर है और वह राज्य के गृहमंत्री हैं।

जी. परमेश्वर ने रविवार को संकेत दिया है कि अगर कांग्रेस हाईकमान राज्य में नेतृत्व परिवर्तन करता है और दलित सीएम की मांग के बीच वह भी मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं।

जी. परमेश्वर ने कहा कि हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने अभी तक इस मामले में कोई बात नहीं की है और ना ही कांग्रेस विधायक दल में इस पर चर्चा हुई है। परमेश्वर ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में चर्चा करके नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला लेंगे।

ढाई साल वाला फॉर्मूला

कर्नाटक में 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब शिवकुमार और सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की कुर्सी के दावेदार थे। कांग्रेस ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया था और तब यह कहा गया था कि ढाई साल बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी शिवकुमार को मिलेगी। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कभी भी आधिकारिक तौर पर ढाई साल वाले फार्मूले की पुष्टि नहीं की गई।

कांग्रेस के लिए इस राज्य से आई मुसीबत बढ़ाने वाली खबर

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने के सवाल पर परमेश्वर ने कहा, ‘‘मैं हमेशा दौड़ में हूं, यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। मैं 2013 में प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष था, हम (2013 के विधानसभा चुनावों में) कांग्रेस को सत्ता में लाए। मैंने कभी इसका श्रेय अकेले नहीं लिया। मैं उस चुनाव में हार गया था। अगर मैं जीत जाता तो शायद (समीकरण) कुछ और होता।’’

जब परमेश्वर से पत्रकारों ने यह पूछा कि क्या नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में ‘दलित मुख्यमंत्री’ की मांग भी है तो उन्होंने कहा, ‘लंबे समय से एक दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की जा रही है।’

कांग्रेस सरकार को कर्नाटक में ढाई साल, खड़गे की विधायकों संग ‘सीक्रेट’ बैठक