जेडीएस ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का गंभीर आरोप लगाया है। मंगलवार (9 जुलाई 2019) को जेडीएस ने कहा कि बीजेपी विधायकों को खरीदने के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। जेडीएस ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट शेयर कर ये गंभी आरोप लगाए। जेडीएस ने कहा ‘कर्नाटक में विधायकों को खरीदने के लिए बीजेपी 1000 करोड़ रुपये खर्च रही है। लगभग मिजोरम, मणिपुर और सिक्किम के सालाना बजट का 10 प्रतिशत हिस्सा। मोदी और अमित शाह के ये पैसा कहां और कैसे मिल रहा है? भ्रष्टाचार से मुक्ति सिर्फ किताबों तक ही सीमित रह गई है लेकिन सच्चाई यही है!
हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब जडीएस ने बीजेपी पर इस तरह के आरोप लगाए हों। इससे पहले भी जेडीएस कई मौकों पर बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगा चुकी है। मालूम हो कि करीब डेढ़ साल पुरानी कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन की वाली सरकार के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। कर्नाटक के सत्तारूढ़ कांग्रेस-जदएस गठबंधन के 14 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। लेकिन अभी तक उनके इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया गया है। विधानसभा के अध्यक्ष के. रमेश कुमार ने कहा है कि जबतक विधायक उन्हें खुद इस्तीफा नहीं सौंप देते तबतक उनके इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कर्नाटक विधानसभा में एक नामित विधायक समेत 225 सदस्य हैं। सदन में इसकी आधी सदस्य संख्या 113 होती है। इन इस्तीफों से पहले विधानसभा में कांग्रेस के 78, जेडीएस के 37 और भाजपा के 105 विधायक थे। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को विधानसभा में 119 विधायकों का समर्थन प्राप्त था।
कर्नाटक संकट पर संसद में हंगामा: कर्नाटक में जारी सियासी संकट का मुद्दा लोकसभा और राज्यसभा में छाया रहा। लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसके खिलाफ नारे लगाए तो वहीं राज्यसभा में कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

