जेएनयू हिंसा को लेकर सोमवार रात एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें हिंदू रक्षा दल संगठन के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने दावा किया है कि उसी ने कैंपस में हमला करवाया था। चौधरी का कहना है कि उसी के कार्यकर्ताओं ने वहां हिंसा की है। उसने हिंसा की जिम्मेदारी लेते हुए आरोप लगाया है कि जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियां होती हैं और ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
रविवार को परिसर में हुआ था बवाल: जेएनयू परिसर में रविवार रात कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों और टीचर्स पर हमला कर दिया था। घायल छात्रों को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। हिंदू रक्षा दल नाम के संगठन ने विडियो में दावा किया है, “जो गतिविधियां हुईं हमें बर्दाश्त नहीं हैं। ये लोग हमारे देश में रहते हैं, हमारे देश का खाते हैं। हमारे देश में ही शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। हमारे देश में ऐसी गतिविधियां हिंदू रक्षा दल बर्दाश्त नहीं करेगा।”
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कल जेएनयू कांड की पूरी जिम्मेदारी ले ली है इसने। दिल्ली पुलिस के लिए केस आसान हो गया pic.twitter.com/528nk3YTR8
— Narendra nath mishra (@iamnarendranath) January 6, 2020
कैंपस में माहौल तनावपूर्ण : जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार को छात्रों पर हुए हमले के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण है। यूनिवर्सिटी में किसी भी घटना को रोकने और उपद्रवियों पर लगाम कसने के लिए एहतियातन पुलिसबल की तैनाती की गई है। घटना पर कई संगठनों और दलों ने निंदा की है। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा को लेकर रजिस्ट्रार को समन जारी किया है। वहीं दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में मालीवाल ने दिल्ली पुलिस से मामले में दर्ज की गई प्राथिमिकी का ब्योरा मांगा है और हिंसा पर तत्काल कदम नहीं उठाने के कारण स्पष्ट करने को कहा है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने भी की घटना की आलोचना : जेएनयू की घटना पर मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने भी नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का कंट्रोल न होना दुखद है। संगठन ने पुलिस की आलोचना की। अखिल भारतीय कार्यकारी निदेशक अविनाश कुमार ने एक बयान में कहा कि दिल्ली पुलिस छात्रों पर भीड़ के बर्बर हमले की शर्मनाक मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने कर्तव्य में विफल रहे, यह शर्मनाक है।
