रविवार शाम जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की घटना के बाद देश भर के यूनिवर्सिटी छात्रों में इस घटना के खिलाफ उबाल देखा गया। गौरतलब है कि जेएनयू हिंसा के खिलाफ छात्रों का गुस्सा ना सिर्फ देश बल्कि विदेशों की विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटीज में भी दिखाई दिया। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी जेएनयू हिंसा के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन किया।
भारतीय मूल के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने ट्वीट कर इस प्रदर्शन की तस्वीर साझा की। ट्वीट में दिखाई दे रहा है कि कुछ छात्र हाथ में प्लेकार्ड लेकर जेएनयू में हुई हिंसा का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा कोलंबिया यूनिवर्सिटी में भी छात्रों ने जेएनयू छात्रों के प्रति समर्थन जताया और हिंसा की आलोचना की।
जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले के खिलाफ सोमवार को पुडुचेरी यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, बेंगलुरू यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद समेत देश की कई यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन हुए। वहीं जेएनयू के छात्रों ने भी हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर भी बड़ी संख्या में छात्र और टीचर्स इकट्ठा हुए और उन्होंने जेएनयू में हुई हिंसा की निंदा की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों में आईआईटी बोम्बे, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस के छात्र शामिल थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंडललाइट मार्च निकाला और हिंसा के खिलाफ नारेबाजी की। पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में भी जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन हुआ।
बता दें कि रविवार रात कुछ नकाबपोश लोगों ने जेएनयू कैंपस में घुसकर छात्रों पर हमला किया था। हमलावरों के हाथ में लाठी डंडे और रॉड थे। इस हमले में कई छात्र घायल हुए जेएनयू छात्रससंघ की अध्यक्ष आइशी घोष को इस हमले में सिर में गंभीर चोटें आयीं। घायल छात्रों को सफदरजंग और एम्स अस्पतालों में भर्ती कराया गया। लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने इस हमले का आरोप एबीवीपी पर लगाया। हालांकि एबीवीपी ने इन आरोपों से इंकार किया और वामपंथी छात्रों पर हमले का आरोप लगाया।
