जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी के अंदर जबरन बिजली काट देने से परीक्षा के रजिस्ट्रेशन काम में बाधा पड़ने का मामला सामने आया है। बात दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार (03 जनवरी) को कहा कि मुखौटा लगाए कुछ छात्रों ने जबरन बिजली काट दी जिसके कारण सर्वर ने काम करना बंद कर दिया और सेमेस्टर परीक्षा की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बाधित हुई। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पिछले साल हॉस्टल की फीस बढ़ने से नाराज चल रहे छात्रों ने यह कारनामा किया है।
जेएनयू छात्रों ने परीक्षा रजिस्ट्रेशन प्रकिया का किया बहिष्कारः हॉस्टल के शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में दो महीने से पूरे विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित करने वाले छात्रों ने परीक्षा रजिस्ट्रेशन प्रकिया का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अशिष्टता और अनुशासनहीनता की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि छात्र अपने सहपाठियों के अकादमिक हितों का नुकसान करने की भी ठान ली है।
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रजिस्ट्रेशन प्रकिया हुई बाधित- रजिस्ट्रारः मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा, ‘तीन जनवरी के करीब एक बजे छात्रों के एक समूह ने अपने चेहरों पर मुखौटे लगाकर जबरन सेंटर फॉर इन्फॉर्मेशन सिस्टम के कार्यालय में प्रवेश किया, बिजली काट दी, जबरन सभी तकनीकी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया और सर्वर को निष्क्रिय कर दिया।’ रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने कहा कि इससे रजिस्ट्रेशन प्रकिया बाधित हुई है।
हॉस्टल फीस बढ़ने के खिलाफ खड़े हुए थे छात्रः बता दें कि जेएनयू के हॉस्टल फीस के बढ़ने से छात्र नाराज हैं। दरअसल, जेएनयू में 40 फीसदी स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिनके परिवार की आय 12,000 रुपए प्रति माह से भी कम है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट 2017-18 में दी गई है। जेएनयू स्टूडेंट यूनियन ने मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल को भी इस बात से अवगत कराया था। स्टूडेंट यूनियन ने कहा था कि फीस में बढ़ोतरी का मतलब है कि 40% छात्रों को अपनी शिक्षा आधे में ही छोड़नी पड़ सकती है। हालांकि सरकार ने हॉस्टल फीस के मामले में कुछ फीस कम किए हैंस लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं है। यही कारण है कि छात्र प्रदर्शन कर उग्र हो रहे हैं।
