जम्मू कश्मीर प्रशासन ने गुरूवार को जम्मू कश्मीर रिजर्वेशन रूल्स, 2005 में संशोधन की मंजूरी दे दी है। प्रशासन ने जम्मू कश्मीर में आरक्षण नीति को तर्कसंगत बनाने और राज्य के 9.6 लाख पहाड़ी बोलने वाले लोगों को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से इस संशोधन को मंजूरी दी है।
एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल की बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एलजी जीसी मुर्मु द्वारा की गई। बता दें कि बीती अगस्त में केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 के प्रावधान हटा दिए थे और जम्मू कश्मीर को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था।
पुराने नियमों के मुताबिक, राज्य में अनुसूचित जाति को 8 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 10 प्रतिशत, कमजोर वर्ग के लोगों को 2 प्रतिशत, एलओसी के नजदीक रहने वाले लोगों को 3 प्रतिशत, पिछड़े वर्ग के लोगों को 20 प्रतिशत साथ ही पूर्व सैनिकों को 6 प्रतिशत और दिव्यांगों को 3 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ था।
अब ताजा संशोधन को बाद जम्मू कश्मीर में पिछड़े इलाके के लोगों को 10 प्रतिशत, पहाड़ी बोलने वाले लोगों को 4 प्रतिशत और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
राज्य के अनुसूचित जाति के लोगों को 8 प्रतिश, अनुसूचित जनजाति को 10 प्रतिशत और कमजोर वर्ग के लोगों को 4 प्रतिशत, एलओसी के नजदीक रहने वाले लोगों को 4 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को 6 प्रतिशत, दिव्यांगों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सामाजिक कल्याण विभाग को नया आरक्षण रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पहाड़ी लोगों को आरक्षण का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। जिनके तहत व्यक्ति पहाड़ी समुदाय या जनजाति का होना जरूरी है। जिसकी विशेष संस्कृति, भाषाई पहचान होनी जरूरी है।
व्यक्ति पहाड़ी भाषा बोलने वाला होना चाहिए और उसकी मातृभाषा भी पहाड़ी होनी जरूरी है। आरक्षण का लाभ पाने के लिए व्यक्ति के पास आवास प्रमाणपत्र या आधार कार्ड होना जरूरी है।
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन के लिए भी आरक्षण तय कर दिया है। संशोधन के तहत प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट में एडमिशन के लिए एससी को 8 प्रतिशत, एसटी को 10 प्रतिशत, एलओसी के नजदीक रहने वाले लोगों को 4 प्रतिशत, पिछडे वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत, पहाड़ी लोगों को 4 प्रतिशत, दिव्यांगों को 4 प्रतिशत और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
