जम्मू कश्मीर के लरकीपुरा गांव के सरपंच अजय पंडित भारती की सोमवार को अनंतनाग के लोकभवन में आतकंवादियों ने हत्या कर दी। आतंकियों के नापाक मंसूबों पर अजय पंडित की बेटी नियंता पंडित ने करारा जवाब दिया है। नियंता ने अपने पिता के पद चिन्हों पर चलने का प्रण लिया है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता बहादुर थे और मुझे भी बहादुर बनना होगा, मैं किसी और को हमारा अधिकार छीनने नहीं दूंगी।

उन्होंने कहा कि आतंकियों ने कायरता से मेरे पिता की हत्या कर दी क्योंकि उन लोगोंं में मेरे पिता का सामना करने की हिम्मत नहीं थी। उन लोगों ने उनके पीठ में गोली मारी यह कायरता की निशानी है। नियंता ने बताया कि पिछले साल नवंबर में एक सरपंच की हत्या कर दी गई थी जिसके बाद उन्होंने सरपंचों के लिए सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि सरपंचों को सुरक्षा नहीं मिली लेकिन उन्होंने आवाज उठाना बंद नहीं किया। इस घटना से सरकार को सबक सीखना चाहिए और सरपंचों  की सुरक्षा का इंतजाम करना चाहिए।

बता दें कि अजय पंडित की हत्या के बाद  कश्मीरी पंडितों के संगठनों ने जम्मू के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया। जम्मू में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के संगठनों ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में कश्मीरी हिंदू सरपंच की आतकंवादियों द्वारा हत्या के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्रदर्शन करते हुए इस मामले की जांच की मांग की। संगठनों ने इसे कश्मीरी पंडित समुदाय में 90 के दशक की तरह ”मनोवैज्ञानिक भय” पैदा करने की कोशिश करार दिया।

यूथ ऑल इंडिया कश्मीरी समाज (वाईएआईकेएस) के अध्यक्ष आर के भट के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को जम्मू प्रेस क्लब में भारती की हत्या की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया गया। भट ने पत्रकारों से कहा, ”वह कश्मीर घाटी में अपने गांव के चुने हुए सरपंच थे और बीते 15 वर्षों से जम्मू-कश्मीर के बहुसंख्यक समुदाय की सेवा कर रहे थे। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने इस कायरतापूर्ण वारदात को अंजाम दिया।”

वाईएआईकेएस ने भारती की हत्या की जांच और घाटी में रह रहे सभी कश्मीरी पंडितों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। संगठन ने सरपंच के परिवार को मुआवजा और उनकी संतान को रोजगार देने की भी मांग की। इसके अलावा कश्मीरी पंडितों के एक और स्वयंसेवक समूह ने जम्मू शहर के बोहरी इलाके में सरपंच की हत्या के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला।