दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा इलाके में मंगलवार को हुई एक मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने यह जानकारी दी। इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के आधार पर एक अभियान शुरू किया गया। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई। आतंकवादियों से हथियार बरामद कर लिए गए हैं और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। मारे गए आतंकियों की फिलहाल शिनाख्त नहीं हो पाई है।
बता दें कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद से जनजीवन 79वें दिन भी मंगलवार को प्रभावित रहा। बहरहाल, शहर के कुछ हिस्सों में यातायात गतिविधि बढ़ गई है।
अधिकारियों ने बताया कि बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान सबेरे-सबेरे खुलते हैं लेकिन वे सुबह करीब 11 बजे अपने शटर गिरा देते हैं। उन्होंने बताया कि घाटी के ज्यादातर हिस्सों में सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद हैं लेकिन लाल चौक और जहांगीर चौक समेत शहर के कुछ इलाकों में निजी वाहनों की भारी भीड़ है। उन्होंने बताया कि निजी वाहनों की भारी भीड़ से कुछ इलाकों में यातायात जाम लग गया जिससे अधिकारियों को वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए और पुलिसर्किमयों को तैनात करना पड़ा।
श्रीनगर में टीआरसी क्रॉसिंग-बटमालू पर बड़ी संख्या में रेहड़ी पटरी वालों ने अपना बाजार लगा रखा है। राज्य सरकार की स्कूलों को खोलने की कोशिशें सिफर रही क्योंकि माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर कुछ आशंकाओं के चलते उन्हें स्कूल नहीं भेज रहे हैं। बहरहाल, प्रशासन सभी बोर्ड परीक्षाओं को निर्धारित समय पर कराने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी कार्यालय खुले हैं और ज्यादातर कार्यालयों में उपस्थिति लगभग सामान्य है।
#WATCH Jammu and Kashmir: 3 terrorists killed in encounter between security forces & terrorists in Awantipora today. Arms & ammunition recovered. Identities and affiliations being ascertained. Search in the area continues. pic.twitter.com/xMWn0Vl9Fl
— ANI (@ANI) 22 अक्तूबर 2019
घाटी में लैंडलाइन और पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं बहाल कर दी गई लेकिन सभी इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। यहां अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की केंद्र सरकार की पांच अगस्त की घोषणा के बाद से संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगा हुआ था।
अलगाववादी पार्टियों के अधिकतर शीर्ष और दूसरे नंबर के नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया है जबकि दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को हिरासत में लिया गया या नजरबंद किया गया है। सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और श्रीनगर से मौजूदा लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला को विवादास्पद जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में रखा है।
(भाषा इनपुट्स के साथ)
