भारतीय सेना ने गुरुवार को पुलवामा जैसे हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। सेना ने जम्मू-कश्मीर के गडीकल के करेवा इलाके से 52 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया है। खुफिया जानकारी के आधार पर 42 राष्ट्रीय राइफल्स (42आरआर) ने गुरुवार सुबह 8 बजे करेवा इलाके में एक संयुक्त जांच अभियान (ज्वाइंट सर्च ऑपरेशन) शुरू किया। सर्च के दौरान टीम ने एक सिंटैक्स टैंक से विस्फोटक से भरे 416 पैकेट बरामद किए। हर पैकेट का वजन 125 ग्राम था, यानी कुल 52 किलोग्राम विस्फोटक था।
सेना की ओर से जारी बयान में यह भी बताया गया कि सर्च ऑपरेशन में ऐसा ही एक और टैंक मिला। उस टैंक में करीब 50 डेटोनेटर्स थे। जहां से विस्फोटक बरामद किए गए हैं, वह स्थान हाईवे और साल 2019 में हुए पुलवामा आंतकी हमले की जगह से सिर्फ 9 किलोमीटर दूर है। आतंकियों ने पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा में हमला किया था। उस आतंकी हमले में 40 सैनिक शहीद हो गए थे। एक आत्मघाती ने सुरक्षाबलों के काफिले में विस्फोटकों से भरी कार को टक्कर मारकर आतंकी हमले को अंजाम दिया था।
पुलवामा हमले के कुछ दिन बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी प्रशिक्षण सुविधा को खत्म करने के लिए कई दिनों तक हमले किए थे। बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस साल अगस्त में पुलवामा हमले पर अपनी 13,500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। चार्जशीट में पाकिस्तान की आतंकी साजिश का पूरा कच्चा चिट्ठा है। चार्जशीट में पाकिस्तान में छिपे बैठे हमले के मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर समेत 20 को आरोपी बनाया गया है।
एनआईए ने पुलवामा हमले में आत्मघाती हमलावर के कई साथियों को गिरफ्तार किया था। खबरों की मानें तो एनआईए ने चार्जशीट में बताया है कि हमले में इस्तेमाल किया गया आरडीएक्स (RDX) पाकिस्तान से ही घाटी में लाया गया था। एनआईए ने चार्जशीट में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर और उसके भाई अब्दुल रऊफ असगर को आरोपी बनाया है। इसके अलावा चार्जशीट में मारे गए आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक, आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार और पाकिस्तान से सक्रिय अन्य आतंकवादी कमांडर के नाम भी शामिल हैं। ये सभी नाम अब तक गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों के अलावा शामिल किए गए हैं।
