ईरान में अयातुल्लाह अली खामेनई शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चरम पर है। गुरुवार को ईरान ने कमर्शियल उड़ानों के लिए अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया। भारत ने ईरान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। ईरान में लगभग 10,000 भारतीय हैं। इनमें कोम के मदरसों और मशहद के छात्र, तीर्थयात्री से लेकर तेहरान और इस्फ़हान के मेडिकल कॉलेजों के छात्र शामिल हैं।
छात्रों और अधिकारियों के संपर्क में अधिकारी
सूत्रों ने गुरुवार को इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “ईरान में बदलती स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय उन भारतीय नागरिकों की वापसी को आसान बनाने की तैयारी कर रहा है जो भारत लौटना चाहते हैं।” यह बात भारतीय दूतावास द्वारा ईरान में भारतीय नागरिकों से देश छोड़ने और विरोध स्थलों से बचने का आग्रह करने के एक दिन बाद कही गई। सूत्रों ने बताया कि दूतावास ईरान में यूनिवर्सिटी के छात्रों और अधिकारियों के संपर्क में है। कई छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है और उनके पर्सनल डिटेल्स और पासपोर्ट दूतावास द्वारा पहले ही जमा कर लिए गए हैं।
छात्रों के पहले बैच को शुक्रवार सुबह 8 बजे तक निकासी के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। निकासी प्रक्रिया का समन्वय भारतीय अधिकारी दूतावास के साथ मिलकर कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सभी छात्रों को वापस लाने के लिए उड़ानें आने की उम्मीद है।
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इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी
भारतीय दूतावास के इमरजेंसी संपर्क हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359 है। वहीं cons.tehran@mea.gov.in ईमेल आईडी है। ईरान द्वारा जारी पायलट गाइडेंस के अनुसार एयरस्पेस बंद होने की अवधि चार घंटे से अधिक रही। भारतीय एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया फिलहाल ईरानी एयरस्पेस से बच रही हैं, जिससे मध्य एशिया, काकेशस, यूरोप और उत्तरी अमेरिका सहित विभिन्न क्षेत्रों में उड़ान संचालन प्रभावित हो रहा है।
एयरस्पेस बंद होना बन सकता है मुसीबत
बता दें कि पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने एयरस्पेस पर पहले से ही प्रतिबंध लगाए हैं और अगर ईरानी एयरस्पेस बार-बार बंद होता है या उसे असुरक्षित माना जाता है, तो एयर इंडिया और इंडिगो के कुछ क्षेत्रों में उड़ान संचालन के लिए समस्याएं और बढ़ सकती हैं। अप्रैल 2025 के आखिर से जब पाकिस्तान ने भारतीय विमानों को अपने एयरस्पेस से उड़ने पर बैन लगा दिया। उसके बाद से भारतीय एयरलाइंस की वेस्ट की ओर जाने वाली फ्लाइट्स को लंबे रास्ते लेने पड़ रहे हैं।
ईरानी एयरस्पेस से बचने पर एयर इंडिया की नॉर्थ अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स के लिए करीब एक घंटा ज़्यादा उड़ान का समय लगेगा। इसका मतलब है कि ज़्यादा फ्यूल ले जाने के लिए इन फ्लाइट्स में पैसेंजर कैपेसिटी कम करनी पड़ेगी। सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया अपनी उन फ्लाइट्स के लिए इराकी एयरस्पेस का इस्तेमाल कर रही है जो पहले ईरान के ऊपर से उड़ती थीं। इंडिगो की बात करें तो यूरोप के लिए उसके ऑपरेशंस पर पहले ही असर पड़ा है। इसके साथ ही उड़ान का समय बढ़ गया है और कुछ फ्लाइट्स कैंसिल भी हुई हैं। (यह भी पढ़ें- ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच रजा पहलवी का समर्थन करने में क्यों हिचक रहे हैं ट्रंप?)
