Delhi Violence: भारत ने मंगलवार को ईरान के राजदूत अली चेगेनी को तलब किया और दिल्ली हिंसा के बारे में ईरान के विदेश मंत्री जवाद जाफरी द्वारा की गई टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ईरान के राजदूत को यह बताया गया कि जाफरी ने जिस मामले पर टिप्पणी की, वह पूरी तरह से भारत का आतंरिक मामला है।

जाफरी ने सोमवार को ट्वीट में कहा था, ‘‘ईरान भारतीय मुस्लिमों के खिलाफ संगठित हिंसा की घटनाओं की निंदा करता है। सदियों से ईरान भारत का मित्र रहा है। हम भारतीय अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि वे सभी भारतीयों की सलामती सुनिश्चत करें और निरर्थक हिंसा को फैलने से रोकें। आगे बढ़ने का मार्ग शांतिपूर्ण संवाद और कानून का पालन करने से प्रशस्त होगा।’’

सूत्रों ने कहा, ‘‘दिल्ली में ईरान के राजदूत को मंगलवार को तलब किया गया और जाफरी द्वारा भारत के आंतरिक मामले पर टिप्पणियां किए जाने पर कड़ा विरोध जताया गया।’’ ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने सोमवार को भारतीय अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सभी भारतीयों की सलामती सुनिश्चित करें और निरर्थक हिंसा  को फैलने से रोकें।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को कहा था कि एजेंसियां हिंसा को रोकने और परिस्थितियों को सामान्य बनाने के काम में लगी हुई हैं। कुमार ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इस संवेदनशील समय के दौरान गैर जिम्मेदाराना बयान न देने की अपील की थी।

उत्तरपूर्वी दिल्ली में पिछले सप्ताह हुए दंगों के संबंध में करीब 1300 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में स्थिति शांत है और पिछले पांच दिनों में हिंसा का कोई मामला सामने नहीं आया है। पुलिस ने अफवाह फैलाने के आरोप में राष्ट्रीय राजधानी में 40 लोगों को गिरफ्तार किया है।

अफवाहों से रविवार को शहर के कुछ इलाकों में अफरा तफरी मच गई थी। पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है और जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर,चांद बाग, शिव विहार,भजनपुरा, यमुनाविहार और मुस्तफाबाद में स्थानीय लोगों के साथ बैठकें भी की जा रही हैं। ये स्थान हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।