पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव काफी अधिक बढ़ गया है। अब 1 जनवरी को नए साल के पहले दिन ही भारत और पाकिस्तान ने एक दूसरे को अपने परमाणु ठिकानों की लिस्ट सौंपी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि लिस्ट का आदान-प्रदान परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले को रोकने वाले एक समझौते के प्रावधानों के तहत हुआ।

एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद कैदियों की लिस्ट भी सौंपी

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद कैदियों की लिस्ट भी आपस में शेयर कीं। भारत ने पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों को उनकी जेल की सजा पूरी हो जाने के मद्देनजर उनकी रिहाई और स्वदेश वापसी में तेजी लाने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को हिरासत में लिए गए उन 35 नागरिक कैदियों और मछुआरों को तत्काल राजनयिक पहुंच प्रदान करने के लिए कहा है, जिनके भारतीय होने का विश्वास है।

मंत्रालय ने कहा, “भारत और पाकिस्तान ने आज राजनयिक माध्यम से परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया।” बता दें कि इस समझौते पर 31 दिसंबर, 1988 को हस्ताक्षर किए गए थे और 27 जनवरी, 1991 को यह लागू हुआ। समझौते के तहत दोनों देशों के बीच हर वर्ष की पहली जनवरी को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में एक-दूसरे को सूचित करने का प्रावधान है।

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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “यह दोनों देशों के बीच ऐसी सूचियों का लगातार 35वां आदान-प्रदान है। इस सूची का पहला आदान-प्रदान एक जनवरी, 1992 को हुआ था।” विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों के नाम और विवरण पाकिस्तान के साथ साझा किए हैं, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का विश्वास है। पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों के विवरण भारत के साथ शेयर किए हैं, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का विश्वास है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान से अपील की गयी है कि वह अपनी सजा पूरी कर चुके 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई और स्वदेश वापसी में तेजी लाए। भारत ने पाकिस्तान से विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की रिहाई और स्वदेश वापसी होने तक उनकी सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए। भारत सरकार के प्रयासों के कारण 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय नागरिक कैदियों को वापस लाया गया है।