दिल्ली दंगों में बनाए गए पुलिस चार्जशीट पर अदालत की तरफ से फटकार लगाए जाने के बाद न्यूज 24 पर इसी मुद्दे पर चल रहे एक शो में विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा कि आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता डिबेट में नहीं आए। साथ ही उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत डेमोग्राफी को बदलने की कवायद चल रही है। कुछ लोग अफगानिस्तान से ईरान तक दहशत फैला रहे हैं।
श्रीराज नायर ने कहा कि आज आपने आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता को बुलाया, लेकिन वो नहीं आए। वो क्यों नहीं आए? क्योंकि सीएए के नाम से मुसलमानों को भड़काया गया। उनके अंदर डर पैदा किया गया। अमानतुल्लाह खान जैसे लोग जो रोहिंग्या को बसाने की बात करते हैं देश की डेमोग्राफी को बदलने के लिए काम कर रहे हैं। ये लोग विभाजनकारी काम करते हैं। ये दंगे उसी के परिणाम थे। पूरे दुनिया में ये लोग दहशत फैला रहे हैं। अफगानिस्तान से लेकर लेबनान और ईरान तक जहां भी ये सत्ता में हैं वहां दहशत है। और ये भारत की बात कर रहे हैं? ये जो दिल्ली के दंगे हुए हैं वो इन जैसों के कारण ही हुए हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में महिला सहित पांच आरोपियों को जमानत देते हुए शुक्रवार को कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में विरोध और असहमति जताने का अधिकार मौलिक है। अदालत ने कहा कि इस विरोध करने अधिकार का इस्तेमाल करने वालों को कैद करने के लिए इस कृत्य का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने कहा कि यह सुनिश्चित करना अदालत का संवैधानिक कर्तव्य है कि राज्य की अतिरिक्त शक्ति की स्थिति में लोगों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से मनमाने ढंग से वंचित नहीं किया जाए। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने पांच अलग-अलग फैसलों में आरोपियों- मोहम्मद आरिफ, शादाब अहमद, फुरकान, सुवलीन और तबस्सुम को जमानत दे दी। आरोपी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या के लिए अभियोजन का सामना कर रहे हैं।
