भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली के छात्रों ने महिलाओं के लिए ‘खड़े होकर मूत्र त्यागने’ का एक उपकरण विकसित किया है। उपकरण ‘संफे (सैनीटेशन फॉर फीमेल)’ को सोमवार को विश्व शौचालय दिवस के मौके पर पेश किया गया। उपकरण की कीमत 10 रुपए है और इसका अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में परीक्षण किया गया है।
उपकरण को ‘स्टैंड अप फॉर योर सेल्फ’ अभियान के तहत शुरू किया गया है जिसके तहत इस उपकरण के एक लाख से अधिक मुफ्त नमूने देश में महिलाओं को बांटे जाएंगे। बीटेक छात्र और संफे सहसंस्थापक अर्चित अग्रवाल के मुताबिक सार्वजनिक शौचालयों में सफाई की कमी हर दो में से एक महिला को यूरीनरी ट्रैक्ट इंफैक्शन (यूटीआइ) यानी मूत्र मार्ग के संक्रमण का खतरा पैदा करती है। इस चिंता के मद्देनजर महिलाओं के लिए खड़े होकर मूत्र त्यागने के लिए उपकरण तैयार किया गया है जिससे वे शौचालय की सीट से एक सुरक्षित दूरी बना सकें और स्वयं को संक्रमित होने से बचा सकें।
उन्होंने कहा कि संफे महिलाओं को मूत्र रोकने की परेशान से भी मुक्त करेगा। यह उपकरण गर्भवती महिलाओं, गठिया से पीड़ित महिलाओं, दिव्यांग महिलाओं के लिए आदर्श साबित होगा जो इसका इस्तेमाल रेलवे स्टेशन, ट्रेन और बस टर्मिनलों के सार्वजनिक शौचालयों में कर सकेंगी। महिलाएं इसका इस्तेमाल अपने मासिक धर्म के समय भी कर सकती हैं।

