ईरान में इन दिनों व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, इसे काबू करने के लिए ईरानी शासन हर संभव कोशिश कर रही है। बताया जा रहा कि प्रदर्शनकारियों से सुरक्षाबलों की झड़पों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई है।
वहीं, इसे लेकर मंगलवार को अमेरिका ने हाई लेवल मीटिंग की और फिर ईरान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की। अमेरिका का यह प्रतिबंध ईरान के साथ व्यापार कर रहे कई देशों को प्रभावित कर सकती है। इसमें भारत, चीन जैसे देश शामिल हैं।
भारत पर कितना होगा प्रभाव?
घोषणा के बाद से विपक्ष सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े कर रहा है। इस पर अब सरकारी सूत्रों ने कहा कि ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर घोषित 25% टैरिफ का भारत पर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।
न्यूज एजेंसी एएनआई को सरकारी सूत्रों ने कहा, “अमेरिका की ओर से ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर घोषित 25% टैरिफ का भारत पर न के बराबर प्रभाव पड़ने की संभावना है। भारत ईरान के टॉप 50 वैश्विक व्यापारिक साझेदारों में भी शामिल नहीं है।”
आगे कहा, “पिछले साल ईरान के साथ भारत का कुल व्यापार 1.6 अरब डॉलर था, जो भारत के कुल व्यापार का लगभग 0.15 फीसदी है। बाहरी आर्थिक कारकों को देखते हुए वित्त वर्ष में ईरान के साथ भारत के व्यापार मूल्य में और गिरावट आने की उम्मीद है।”
किस देश पर पड़ेगा अधिक प्रभाव?
सरकारी सूत्र ने बताया कि ईरान का कुल आयात 2024 में लगभग 68 अरब डॉलर था, जिसमें उसके प्रमुख आयात साझेदार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) (21 अरब डॉलर – 30%), चीन (17 अरब डॉलर – 26%), तुर्की (11 अरब डॉलर – 16%) और यूरोपीय संघ (6 अरब डॉलर – 9%) थे। भारत का हिस्सा केवल 1.2 अरब डॉलर (2.3%) है। यानी इस टैरिफ से सबसे अधिक यूएई प्रभावित होगा। इसके बाद चीन पर प्रभाव पड़ेगा।
ट्रुथ सोशल पर की अमेरिका ने घोषणा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “तत्काल प्रभाव से इस्लामी गणराज्य ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर 25% टैरिफ देगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।”
ईरान पर कर सकता है कई और कार्रवाई
इधर सोमवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की बात भी कही थी। प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका के पास कई विकल्प है जिनमें से एक यह भी है कि वह ईरान पर हवाई हमला करे। आगे उन्होंने कहा कि ईरान के पास राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से बात करने का एक राजनायिक चैनल भी खुला है।
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