Himachal Pradesh, Haryana, Punjab, Delhi, Jammu Kashmir Weather Forecast Today Rains: उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में बेमौसम बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर रखा है। सोमवार (24 सितंबर) को भीषण बारिश के कारण पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मरने वालों की संख्या 22 हो गई, जबकि भारतीय सेना ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए पंजाब और हिमाचल में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया है। पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेश पर आज सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं।
बारिश के कारण इन क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। खासकर पोंग बांध पर जलस्तर खतरे के निशान के आसपास चला गया। मंगलवार (25 सितंबर) को भाकड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने इस बांध से तड़के ब्यास नदी में 49 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा था, जबकि देर रात रोपड़ बांध से सतलुज नदी में 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
बारिश के चलते प्रभावित राज्यों में रोड से लेकर रेल और हवाई यातायात प्रभावित रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा में 15-20 फीसदी की खरीफ की फसल भी खराब हो गई।मौसम विभाग ने इसी संबंध में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।


जम्मू के सब डिवीजन गंदोह के दूरदराज क्षेत्र कोठा में भूस्खलन से एक मकान ढह गया, जिसमें दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में पति-पत्नी व तीन बच्चे शामिल हैं।
दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुई झमाझम बारिश ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सितंबर में अब तक 125.1 मिलीमीटर (सामान्य) बारिश हो चुकी है। वर्ष 2010 (332.9 मिलीमीटर) के बाद सितंबर में इतनी बारिश नहीं हुई थी। इस मानसून में अब तक दिल्ली में 233.3 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
होशियारपुर जिले के तलवारा में स्थित पोंग डैम की अत्यधिक क्षमता 1390 फुट है, जबकि इसमें सोमवार शाम 7 बजे पानी का स्तर 1386.15 फुट तक पहुंच गया। इससे 49,000 क्यूसेक्स पानी छोड़ा जाएगा। यह डैम हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पंजाब के लिये परामर्श जारी करते हुए कहा कि ब्यास नदी जल क्षेत्र में लगातार बारिश से जलस्तर बढ़ जाने के कारण पोंग बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में ट्रेकिंग के लिए गए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की (आईआईटी) के लापता 35 छात्रों के बारे में सुखद खबर है। ये सभी छात्र पूरी तरह से महफूज हैं। इससे पहले खबर मिली कि इलाके में बारिश और भारी बर्फबारी की वजह से यहां पर ट्रेकिंग के लिए आए करीब 45 लोग लापता हो गए थे।
नैनीताल में नैनी झील का स्तर आठ साल में पहली बार बढ़ गया है। देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
भारी बारिश के कारण पंजाब में रेड अलर्ट है जबकि हिमाचल में बाढ़ जैसे हालात हैं। उत्तर भारत में अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। पहाड़ी जगहों पर पर्यटक फंसे हैं। उत्तराखंड में भी चारधाम यात्रा मार्ग पर जगह-जगह हजारों लोग फंसे हैं। मौसम विभाग का आकलन है कि 29 सितंबर तक बारिश देखने को मिल सकती है।
मनाली हाइवे पर दो दिन बाद ट्रेफिक चालू, बर्फबारी के कारण दो दिन से हाइवे बंद था। इसके अलावा 36 घंटे बाद मंडी में बंद पडे़ हाइवे के खोल दिया गया है। जम्मू कश्मीर के डोडा मे भूस्खलन की वजह से 5 लोगों की मौत हो गई है।
हरियाणा में बारिश के कहर से जनजीवन अस्त व्यस्त है और राज्य में अलर्ट जारी किया गया है। इससे कई जगह मकान ढह गए और मलबे में दबने व करंट लगने से प्रदेश में कई लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बारिश से यमुना नदी में उफान आ गया है। हथनीकुंड बैराज पर यमुना नदी में पानी का बहाव दो लाख क्यूसेक पार कर गया है। इससे दिल्ली के लिए खतरा पैदा हो गया है। मौसम विभाग ने आज भी बारिश की संभावना जताई।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने हिमाचल के चार जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। संगठन के हिम एवं अवधाव अध्ययन संस्थान ने कहा है कि पिछले 24 घंटे में 3500 मीटर से ऊपर के इलाकों में हुए भारी हिमपात हुआ है। इसके चलते चंबा, कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर हिमस्खलन के लिहाज से येलो स्टेज की चेतावनी जारी की गई है। संस्थान की ओर से सुझाव दिया गया है कि इन जिलों में फिलहाल हिमस्खलन क्षेत्र खासकर मनाली लेह मार्ग में वाहन या पैदल सफर न करें।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में ट्रेकिंग के लिए गए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की (आईआईटी) के 35 छात्र लापता हो गए हैं। इलाके में बारिश और भारी बर्फबारी की वजह से मौसम खराब है। बताया जा रहा है कि यहां पर ट्रेकिंग के लिए आए कुल 45 लोग लापता हैं।
सतलुज नदी के आसपास के गांव में बारिश के मद्देनजर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पुलिसकर्मियों का एक दस्ता भी स्थिति का जायजा लेने का लिए तैनात है। जरूरत पड़ने पर वे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जल स्तर के कारण चंबा इलाके स्थित चमेरा बांध को भी खोला गया। (फोटोः एएनआई)
हिमाचल के रोहतांग में सोमवार को बर्फबारी हुई थी। सड़कों पर हर जगह बर्फ छा जाने से यातायात प्रभावित हो गया। (फोटोः प्रदीप कुमार)
पंजाब के चंडीगढ़ शहर की सुखना झील में पानी अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच गया। ऐसा इस दशक में पहली बार हुआ है। जिला प्रशासन ने यहां का पानी दो बड़े नालों में छोड़ने के लिए कहा है। (एक्सप्रेस फोटो)
हरियाणा के करनाल में भारी बारिश से फसलें खराब हो गईं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सोमवार को किसानों ने बताया, "तीन दिनों से लगातार पानी गिर रहा है। सारी फसल खराब हो गई। हम जो फसल बाजार भेज चुके थे, रास्ते में वह भी खराब हो गई। उसे भी कोई खरीदार नहीं मिल रहा है।"
हिमाचल के कुल्लू स्थित एनएचपीसी कॉलोनी में दो लोग भीषण बारिश के बीच फंस गए थे। भारतीय वायु सेना ने देखिए कैसे उन्हें रेस्क्यू कराया।